तेलीमारेंगा के किसान महादेव मौर्य ने धान रोपाई मशीन से उन्नत खेती-किसानी को दी नई दिशा

छग

Update: 2026-07-31 17:38 GMT
Jagdalpur. जगदलपुर। कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और उन्नत कृषि यंत्रों के बढ़ते उपयोग ने किसानों की राह बेहद आसान कर दी है। इसी कड़ी में तेलीमारेंगा गांव के प्रगतिशील किसान महादेव मौर्य ने इस बार धान रोपाई के लिए आधुनिक राइस ट्रांसप्लांटर (धान रोपाई मशीन) का उपयोग कर पारंपरिक खेती को एक नया मोड़ दिया है। महादेव मौर्य के पास 8 एकड़ पैतृक कृषि भूमि है और उन्होंने 8 एकड़ भूमि लीज (ठेके) पर लेकर कुल 16 एकड़ में खेती की है। इस मौसम में मजदूरों की भारी किल्लत का सामना करना पड़ता है, लेकिन इस नवीन धान रोपाई मशीन के उपयोग से न केवल मजदूरी पर निर्भरता कम हुई है, बल्कि समय की भी भारी बचत हो रही है। जहां हाथ से रोपाई कराने में काफी समय और दर्जनों मजदूर लगते थे, वहीं इस मशीन के जरिए केवल दो से तीन लोगों की मदद से रोपाई का काम बेहद सुगमता से पूरा हो जाता है।

किसान महादेव मौर्य ने बताया कि पारंपरिक तरीके से हाथ से रोपाई कराने पर प्रति एकड़ लगभग सात से आठ रुपए तक का खर्च आ जाता था, जबकि धान रोपाई मशीन का उपयोग करने से यह खर्च घटकर मात्र दो से ढाई हजार रुपए प्रति एकड़ रह गया है। इस मशीन की खरीदारी में उन्हें शासन की योजना से अनुदान का भी बड़ा सहारा मिला। मशीन की कुल कीमत 9 लाख रुपए थी, जिस पर उन्हें 4 लाख रुपए की बड़ी सब्सिडी मिली और यह आधुनिक मशीन उन्हें 5 लाख रुपए में उपलब्ध हो सकी, जो एक किसान के लिए काफी सहूलियत भरा साबित हुआ। महादेव कहते हैं कि मशीन से रोपाई करने पर पौधों के बीच समान दूरी बनी रहती है, जिससे फसल का विकास बेहतर होता है और पैदावार अधिक मिलने की पूरी उम्मीद है। आसपास के किसान भी उनके इस सफल प्रयोग को देखकर काफी प्रभावित हैं और भविष्य में इस तकनीक को अपनाने की बात कह रहे हैं। महादेव मौर्य का यह अनुभव साबित करता है कि आधुनिक मशीनरी के उपयोग से खेती न केवल किफायती और आसान साबित हो रही है, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती प्रदान करेगी।
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