New Delhi/Raipur. नई दिल्ली/रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने देश में चार लेबर कोड्स के ऐतिहासिक क्रियान्वयन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता की सराहना की। मुख्यमंत्री ने इसे भारत के श्रम क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मुकाम करार दिया, जो लगभग 400 मिलियन से अधिक श्रमिकों के अधिकार, सुरक्षा और सम्मान की गारंटी सुनिश्चित करेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पहल न केवल श्रमिक वर्ग के लिए लाभकारी है, बल्कि अधिक समावेशी,
पारदर्शी
और श्रमिक-हितैषी औद्योगिक वातावरण भी सुनिश्चित करेगी। चारों श्रम संहिताओं के लागू होने से अब पूरे देश में यूनिवर्सल मिनिमम वेतन, महिलाओं के लिए समान वेतन, फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी, सभी श्रमिकों के लिए सोशल सिक्योरिटी, मुफ्त सालाना हेल्थ चेकअप, और ओवरटाइम के लिए दोगुनी मजदूरी जैसी व्यवस्थाएँ लागू होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्री डॉ. मंडाविया की दूरदर्शिता और बेहतरीन नेतृत्व ने इस बदलाव को संभव बनाया। उन्होंने बताया कि यह कदम आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और श्रमिक वर्ग के लिए सशक्त, सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि चारों श्रम संहिताओं के लागू होने से श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक अधिकार मजबूत होंगे। इससे औद्योगिक संबंध अधिक संतुलित और पारदर्शी होंगे और रोजगार सृजन की गति में भी सुधार आएगा। उन्होंने आशा जताई कि इस कदम से औद्योगिक विकास और निवेश में वृद्धि होगी और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होगी। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों और उद्योगपतियों से अपील की कि वे इस सुधार का सकारात्मक लाभ उठाएँ और इसे देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति के लिए उपयोग में लाएँ। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक पहल भारत के श्रम क्षेत्र में समावेशी विकास और सामाजिक न्याय को सुनिश्चित करने वाली है। श्री साय ने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, उनके कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना किसी भी सशक्त राष्ट्र की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्री डॉ. मंडाविया का आभार व्यक्त किया, जिनकी दूरदर्शिता और कार्यनिष्ठा ने इस बदलाव को संभव बनाया।
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