Janjgir-Champa. जांजगीर-चांपा। जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र अंतर्गत नरियरा गांव में धनतेरस के दिन हुए दिनदहाड़े हत्या मामले में सेशन कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने हत्या में शामिल पिता और उनके दो बेटों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही तीनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इस फैसले के बाद पूरे क्षेत्र में इस चर्चित मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यह मामला 10 नवंबर 2023 का है, जब नरियरा गांव में तालाब से घर लौट रहे बुजुर्ग धरमलाल राठौर की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि तिरिथ राम पटेल और उसके दो बेटे संत राम पटेल एवं राम कुमार पटेल ने पहले से घात लगाकर हमला किया और टांगिया से गंभीर वार किए। इस हमले में धरमलाल राठौर की मौके पर ही मौत हो गई थी।
घटना के बाद मृतक की बहू दीप्ती राठौर ने मुलमुला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में यह भी बताया गया था कि मृतक धरमलाल राठौर और आरोपियों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया में शामिल किया गया। इसके बाद मामला सेशन कोर्ट में विचाराधीन रहा, जहां लगातार सुनवाई और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। लोक अभियोजक संदीप सिंह बनाफर ने बताया कि अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर यह साबित हुआ कि आरोपियों ने पूर्व नियोजित तरीके से हत्या की थी। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सेशन जज जयदीप गर्ग ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह अपराध गंभीर प्रकृति का है और समाज में भय पैदा करने वाला है, इसलिए आरोपियों को कठोर सजा दी जानी आवश्यक है। इसके साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है, जिसे अदा न करने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान रखा गया है। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है। परिजनों ने कहा कि उन्हें न्याय मिला है, हालांकि उनके परिवार को जो क्षति हुई है, उसकी भरपाई संभव नहीं है। वहीं, क्षेत्र में इस फैसले को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों ने अदालत के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में सख्त सजा से अपराधों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। पुलिस और न्यायालय की त्वरित कार्रवाई के चलते यह मामला अब अपने अंतिम निष्कर्ष पर पहुंच चुका है। अदालत के इस फैसले को न्याय व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो यह संदेश देता है कि गंभीर अपराधों में किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।