Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पारिवारिक विवाद के चलते हिंसा का मामला सामने आया है। सुपेला थाना क्षेत्र में भाई पर धारदार हथियार से हमला करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की यह कार्रवाई अपराध पर नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जानकारी के अनुसार, यह घटना 4 फरवरी 2026 की है, जब सुपेला थाना में कुमार दास ने शिकायत दर्ज कराई थी। प्रार्थी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि वह कोसा नगर स्थित अपने मकान की साफ-सफाई कर रहे थे। इसी दौरान उनके भाई के साथ घर आने-जाने की बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। मामूली कहासुनी देखते ही देखते गंभीर झगड़े में बदल गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए प्रार्थी को जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि उसने अचानक धारदार हथियार निकालकर हमला करने का प्रयास किया। आत्मरक्षा में प्रार्थी ने हथियार को पकड़ लिया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। इसी बीच आरोपी ने ईंट उठाकर प्रार्थी पर हमला कर दिया। इस हमले में कुमार दास की पीठ और बाएं हाथ की कोहनी में चोटें आईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। पुलिस ने अपराध क्रमांक 202/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 115(2), 351(3) तथा 25 और 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान साक्ष्यों और बयान के आधार पर आरोपी की पहचान की गई।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रणव कुमार दास (43 वर्ष), निवासी कोसानाला, सुपेला को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त धारदार हथियार भी बरामद कर जब्त किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है। आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया जारी है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पारिवारिक विवाद के मामलों में भी कानून को हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। किसी भी प्रकार की हिंसा या अवैध हथियार के उपयोग पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ा दी गई है। यह मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि छोटे विवाद भी यदि समय रहते सुलझाए न जाएं तो गंभीर रूप ले सकते हैं। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लें और हिंसा से दूर रहें।
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