संवाद से समाधान अभियान: पुलिस की होटल, ढाबा, लॉज व बार संचालकों के साथ बैठक

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Update: 2026-02-04 14:16 GMT
Raipur. रायपुर। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा चलाए जा रहे #संवाद से समाधान अभियान के तहत मंगलवार को होटल, ढाबा, लॉज एवं बार संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक सिविल लाइन रायपुर स्थित सी/04 भवन के सभाकक्ष में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता पुलिस उपायुक्त (नार्थ जोन) मयंक गुर्जर ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य पुलिस और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के बीच संवाद स्थापित कर आपसी सहयोग से कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना रहा। बैठक में अतिरिक्त पुलिस
उपायुक्त
(एडीसीपी) आकाश मरकाम एवं सहायक पुलिस उपायुक्त (एसीपी) पूर्णिमा लामा विशेष रूप से उपस्थित रहीं। इसके साथ ही नार्थ जोन अंतर्गत आने वाले थाना खमतराई, उरला, गुढ़ियारी, पंडरी एवं खम्हारडीह क्षेत्र के समस्त होटल, ढाबा, लॉज एवं बार संचालक बड़ी संख्या में बैठक में शामिल हुए।
बैठक के दौरान पुलिस उपायुक्त मयंक गुर्जर ने प्रतिष्ठानों के संचालन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सभी संचालकों को शासन द्वारा निर्धारित नियमों, दिशा-निर्देशों एवं लाइसेंस की शर्तों का कड़ाई से पालन करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सीमा का पालन करना, अवैध गतिविधियों पर पूर्ण रूप से रोक लगाना और प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना सभी संचालकों की जिम्मेदारी है। श्री गुर्जर ने विशेष रूप से होटल एवं लॉज में ठहरने वाले ग्राहकों का विधिवत रिकॉर्ड संधारित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आगंतुक की पहचान पत्र की जांच अनिवार्य रूप से की जाए तथा निर्धारित प्रारूप में उसका विवरण सुरक्षित रखा जाए। साथ ही सभी प्रतिष्ठानों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की कार्यशील स्थिति सुनिश्चित करने, रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने और आवश्यकतानुसार पुलिस को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में महिला सुरक्षा और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस उपायुक्त ने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता, छेड़छाड़, उत्पीड़न या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए। उन्होंने नशे से संबंधित गतिविधियों पर सतर्क रहने और अवैध शराब, मादक पदार्थों अथवा अन्य गैरकानूनी कार्यों में किसी भी प्रकार की संलिप्तता से दूर रहने की सख्त हिदायत दी। एडीसीपी आकाश मरकाम ने अपने संबोधन में कहा कि होटल, ढाबा, लॉज एवं बार जैसे प्रतिष्ठान समाज में बड़ी संख्या में लोगों से सीधे जुड़े होते हैं, इसलिए इनकी भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने में बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने संचालकों से पुलिस के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने और किसी भी समस्या या सुझाव को खुलकर साझा करने की अपील की।
वहीं, एसीपी पूर्णिमा लामा ने संचालकों को समाज में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने हेतु अपने दायित्वों का जिम्मेदारी से निर्वहन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पुलिस और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के बीच सहयोग से ही अपराधों की रोकथाम और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जा सकता है। बैठक के दौरान उपस्थित संचालकों ने पुलिस द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर सहमति जताई और #संवाद से समाधान अभियान की सराहना की। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, नियमों का पालन करने और पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह की बैठकों के माध्यम से संवाद कायम रखा जाएगा, ताकि आपसी विश्वास और सहयोग से शहर को सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण बनाया जा सके।
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