संदिग्ध खाद बेचने का मामला, ग्रामीणों ने पिकअप वाहन पकड़ा, विक्रेता फरार
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Baloda Bazar. बलौदाबाजार। जिले के पलारी क्षेत्र के ग्राम सुंदरावन में किसानों को कथित रूप से संदिग्ध खाद बेचने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने यूरिया और डीएपी के नाम पर खाद बेच रहे बाहरी लोगों की एक पिकअप वाहन को पकड़ लिया, जबकि खाद बेचने वाले लोग अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में किसानों के बीच चिंता का माहौल है और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से बाहरी राज्यों से आए कुछ लोग गांव-गांव घूमकर किसानों को कम कीमत पर यूरिया और डीएपी खाद उपलब्ध कराने का दावा कर रहे थे। किसानों को तत्काल खाद उपलब्ध कराने का लालच देकर बिक्री की जा रही थी। शुरुआत में कई किसानों ने इन लोगों से खाद खरीदी, लेकिन बाद में खाद की गुणवत्ता और पैकेजिंग को लेकर संदेह पैदा होने लगा।
बताया जा रहा है कि इन लोगों द्वारा क्षेत्र में 100 बोरी से अधिक खाद बेची जा चुकी है। ग्रामीणों को जब खाद की गुणवत्ता पर शक हुआ तो उन्होंने निगरानी शुरू कर दी। इसी दौरान ग्राम सुंदरावन में एक पिकअप वाहन को रोका गया, जिसमें खाद की बोरियां रखी हुई थीं। ग्रामीणों ने वाहन को रोककर पूछताछ की तो चालक ने बताया कि कुछ लोग हरियाणा से आए थे और उन्होंने उसकी गाड़ी किराए पर ली थी। चालक का कहना था कि उसका काम केवल वाहन चलाना था और उसे खाद की गुणवत्ता या बिक्री से जुड़ी जानकारी नहीं है। पूछताछ के दौरान खाद बेचने वाले लोग मौके से गायब हो गए और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
घटना की सूचना तुरंत कृषि विभाग और स्थानीय प्रशासन को दी गई। जानकारी मिलते ही संबंधित विभाग के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। अधिकारियों द्वारा खाद के नमूने लेकर उनकी जांच कराने की तैयारी की जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किसानों को बेची गई खाद असली है या नकली। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में खाद नकली या मानक के अनुरूप नहीं पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि खाद कहां से लाई गई थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
प्रशासन ने फरार लोगों की पहचान और तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं और लाइसेंस प्राप्त दुकानों से ही खाद और कृषि सामग्री खरीदें। इस घटना ने किसानों के बीच चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि खरीफ सीजन के दौरान खाद की मांग अधिक रहती है। ऐसे समय में संदिग्ध खाद की बिक्री से किसानों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका रहती है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।