छत्तीसगढ़

नहीं रहा छत्तीसगढ़ का टूरा भोको लोलो... रैपर एपी राजा का निधन

Shantanu Roy
15 Jun 2026 6:59 PM IST
नहीं रहा छत्तीसगढ़ का टूरा भोको लोलो... रैपर एपी राजा का निधन
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रैप जगत को बड़ा झटका
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ी संगीत जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। प्रदेश के लोकप्रिय रैपर चेतन चांडक उर्फ एप्पी राजा का रायपुर स्थित अस्पताल में निधन हो गया। वे लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर सामने आते ही संगीत जगत, प्रशंसकों और कलाकारों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।
एप्पी राजा का जीवन संघर्ष और मेहनत की एक ऐसी कहानी है, जिसमें कठिन परिस्थितियों के बीच भी उन्होंने अपने सपनों को टूटने नहीं दिया और रैप म्यूजिक की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। उनका जन्म वर्ष 1994 में नवागढ़ में हुआ था। उनके माता-पिता मूल रूप से राजस्थान के जैसलमेर जिले के रहने वाले थे, जो बाद में रोजगार और जीवनयापन के कारण छत्तीसगढ़ के बेमेतरा और फिर नवागढ़ में आकर बस गए।
एप्पी राजा ने अपने बचपन के शुरुआती वर्ष दुर्ग में बिताए, जहां से उनकी प्रारंभिक शिक्षा की शुरुआत हुई। इसके बाद वर्ष 2002 के आसपास उनका परिवार भानुप्रतापपुर (कांकेर) में जाकर बस गया। यहां उन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखी। आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के बावजूद उन्होंने पढ़ाई को जारी रखा और रोजाना भानुप्रतापपुर से कांकेर तक यात्रा करके शिक्षा प्राप्त करते थे। कांकेर के एक निजी स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही एप्पी राजा ने रचनात्मकता की दिशा में कदम बढ़ाया। कक्षा 7वीं में उन्होंने अपना पहला रैप लिखा, जिसने उनके संगीत के प्रति झुकाव को दर्शाया। समय के साथ उनका रुझान रैप और म्यूजिक की ओर बढ़ता गया।
हालांकि जीवन में चुनौतियां भी कम नहीं थीं। 11वीं कक्षा के दौरान उनके पिता को हार्ट अटैक आया, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति और भी कमजोर हो गई। इस कठिन समय में परिवार की जिम्मेदारी बढ़ने के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। इसके बाद उन्होंने रोजगार की तलाश में गुजरात के सूरत का रुख किया, जहां उन्होंने काम किया ताकि परिवार को आर्थिक सहयोग मिल सके। कुछ समय बाद वे भिलाई लौटे और वहां मोबाइल रिपेयरिंग का काम शुरू किया। इसके बाद उन्होंने पंजाब में भी काम किया, जहां उनकी जिंदगी ने एक नया मोड़ लिया।
पंजाब में रहते हुए एप्पी राजा की मुलाकात एक म्यूजिक डायरेक्टर से हुई, जिसने उनके टैलेंट को पहचान दी। यहीं से उन्हें स्टूडियो में काम करने का मौका मिला और उन्होंने गानों पर काम करना शुरू किया। यह उनके करियर का वह दौर था, जिसने उन्हें संगीत की दुनिया में आगे बढ़ने का रास्ता दिया। धीरे-धीरे एप्पी राजा ने छत्तीसगढ़ी भाषा में रैप म्यूजिक की शुरुआत की। उन्होंने अपने गानों को यूट्यूब पर रिलीज करना शुरू किया, जहां उन्हें लोगों से अच्छा रिस्पॉन्स मिलने लगा। उनकी शैली, भाषा और स्थानीय जुड़ाव ने उन्हें युवाओं के बीच लोकप्रिय बना दिया। आज एप्पी राजा छत्तीसगढ़ी रैप म्यूजिक के उभरते हुए नामों में गिने जाते हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी मेहनत और लगन से पहचान बनाई है। उनका सफर इस बात का उदाहरण है कि अगर इरादे मजबूत हों तो सीमित संसाधनों के बावजूद भी सफलता हासिल की जा सकती है।
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