Gariaband. गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में कथावाचक आचार्य युवराज पांडे की कार को ट्रक द्वारा टक्कर मारे जाने की घटना के बाद मामला चर्चा में आ गया है। हादसे में आचार्य युवराज पांडे बाल-बाल बच गए। घटना के बाद उन्होंने दावा किया कि यह उन पर हुआ सातवां हमला है। उनके इस दावे के बाद घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। इसी बीच छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल का भी बड़ा बयान सामने आया है। जानकारी के मुताबिक आचार्य युवराज पांडे की कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी।
राहत की बात यह रही कि इस घटना में आचार्य युवराज पांडे सुरक्षित बच गए। हालांकि हादसे के बाद उन्होंने इसे सामान्य दुर्घटना मानने के बजाय खुद पर हुए हमलों की श्रृंखला से जोड़ते हुए दावा किया कि यह सातवीं बार है जब उनके साथ इस तरह की घटना हुई है। आचार्य युवराज पांडे के इस दावे के बाद मामला और गंभीर हो गया है। सवाल उठ रहा है कि लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं महज संयोग और सड़क हादसे हैं या इनके पीछे कोई सोची-समझी साजिश है। फिलहाल किसी साजिश या जानलेवा हमले की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और घटना की वास्तविक परिस्थितियां जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।
अमित बघेल का बयान आया सामने
इस पूरे घटनाक्रम के बीच छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल ने भी मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आचार्य युवराज पांडे की कार को ट्रक से टक्कर लगने और उनके सातवें हमले के दावे का जिक्र करते हुए घटना पर सवाल उठाए हैं। घटना के बाद आचार्य युवराज पांडे के समर्थकों और उनसे जुड़े लोगों के बीच भी चिंता का माहौल है। लगातार हमलों के दावे के कारण मामले की निष्पक्ष जांच और वास्तविकता सामने लाने की मांग महत्वपूर्ण हो गई है।
यदि पिछली घटनाओं को भी आचार्य युवराज पांडे पर हुए कथित हमलों से जोड़कर देखा जा रहा है, तो पुलिस के लिए उन घटनाओं की परिस्थितियों और मौजूदा हादसे के बीच किसी संभावित संबंध की जांच करना अहम हो सकता है। मौजूदा घटना में ट्रक चालक की भूमिका, दुर्घटना कैसे हुई और टक्कर किन परिस्थितियों में लगी, जैसे सवालों के जवाब भी महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल आचार्य युवराज पांडे की ओर से इसे सातवां हमला बताए जाने का दावा किया गया है। वहीं अमित बघेल के बयान के बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। यह घटना सामान्य सड़क हादसा थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी, इसका निष्कर्ष ठोस तथ्यों और जांच के आधार पर ही निकाला जा सकेगा।