Raigarh. रायगढ़। जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत करने, लंबित अपराधों का तेजी से निराकरण करने और आगामी गणेश उत्सव एवं चक्रधर समारोह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने 12 सितंबर को पुलिस कंट्रोल रूम में अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में एसएसपी ने थानों में सामान्य अपराधों की पेंडेंसी पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि अपराधों के निराकरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले थाना प्रभारियों को पुरस्कृत किया जाएगा, जबकि संतोषजनक कार्रवाई नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में राजपत्रित पुलिस अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी और विभिन्न शाखाओं के अधिकारी मौजूद रहे। एसएसपी ने लंबित मामलों, कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, अवैध गतिविधियों, किराएदारों के सत्यापन और साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की।
गणेश उत्सव की सुरक्षा पर विशेष फोकस
आगामी गणेश उत्सव को देखते हुए सभी थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्र की गणेश समितियों के पदाधिकारियों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए गए। पंडालों के आसपास सड़क जाम की स्थिति न बने और पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। रात्रि में पंडालों की सुरक्षा के लिए समितियों को वालंटियर तैनात करने के निर्देश देने को कहा गया है। समिति के सदस्यों के नाम और मोबाइल नंबर थानों में दर्ज किए जाएंगे। समितियों को थाना प्रभारी, पुलिस पेट्रोलिंग टीम और डायल-112 के संपर्क नंबर भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। पंडालों में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों और बाहर से आने वाले कलाकारों की जानकारी लेकर पहले से सुरक्षा व्यवस्था तैयार करने को कहा गया। गणेश विसर्जन को लेकर भी विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। डीजे को लेकर विवाद की स्थिति न बने और जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।
चक्रधर समारोह की तैयारियों की समीक्षा
आगामी चक्रधर समारोह की सुरक्षा व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा हुई। एसएसपी ने अधिकारियों को जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाकर सुरक्षा की सभी तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए। अपराधों की समीक्षा के दौरान थानों में सामान्य मामलों के लंबित रहने पर एसएसपी ने नाराजगी जाहिर की। पेंडेंसी कम करने के लिए प्रत्येक थाना प्रभारी को कम से कम दो सीनियर आरक्षकों को सामान्य अपराधों की विवेचना सौंपने के निर्देश दिए गए।
नवीन कानून के तहत 60 और 90 दिवस की निर्धारित अवधि में अपराधों के निराकरण पर विशेष जोर दिया गया। एसएसपी ने बताया कि पुलिस मुख्यालय स्तर पर जिलों की समीक्षा की जा रही है, इसलिए लंबित प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय में कार्रवाई पूरी की जाए। अपहरण के लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। ऐसे मामलों में विशेष प्रयास और अभियान चलाकर जल्द से जल्द निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। तीन महीने से अधिक समय से लंबित मर्ग प्रकरणों का भी शीघ्र निराकरण करने को कहा गया है।
अच्छा काम करने पर इनाम लापरवाही पर कार्रवाई
एसएसपी ने कहा कि हर महीने अपराध निकाल के लिए विशेष अभियान चलाया जाता है। इसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले थाना प्रभारियों को पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं जिन थाना प्रभारियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं होगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ऑपरेशन आघात के तहत कार्रवाई तेज करने के निर्देश
अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। अवैध शराब के खिलाफ अधिक कार्रवाई करने के साथ अवैध कबाड़ और जुआ-सट्टा की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ब्लैक स्पॉट पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। यातायात और संबंधित थाना पुलिस को मोटर व्हीकल एक्ट के तहत लगातार कार्रवाई के साथ सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया।
किराएदार और होटल में ठहरने वालों की होगी जांच
थाना प्रभारियों को प्रत्येक सप्ताह किराएदारों की जांच और होटलों की नियमित चेकिंग करने के निर्देश दिए गए। किराएदारों और होटलों में ठहरने वाले लोगों की जानकारी “समाधान ऐप” में दर्ज करना अनिवार्य करने को कहा गया। प्रदेशव्यापी “साइबर जागृति अभियान” की भी समीक्षा की गई। एसएसपी ने आम नागरिकों, विद्यार्थियों और अलग-अलग वर्गों के बीच लगातार साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। अभियान के तहत आयोजित लघु फिल्म प्रतियोगिता का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को भी कहा गया। बैठक में प्रशिक्षु उप निरीक्षकों के प्रशिक्षण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात पुष्पेंद्र बघेल, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी, सभी थाना-चौकी और शाखा प्रभारी मौजूद रहे।