बिलासपुर थाना पचपेड़ी आरक्षक गजपाल जांगड़े निलंबित

छग

Update: 2025-10-17 14:38 GMT
Bilaspur. बिलासपुर। थाना पचपेड़ी में तैनात आरक्षक 1455 गजपाल जांगड़े के अनुशासनहीन व्यवहार के मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तत्काल निलंबन का आदेश जारी किया है। यह कदम वायरल सोशल मीडिया वीडियो के आधार पर उठाया गया, जिसमें आरक्षक नोट गिनते हुए दिखाई दे रहे हैं और उनके सामने एक महिला खड़ी है। वीडियो में आरक्षक के व्यवहार को गंभीर अनुशासनहीन माना गया है, जिसके चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान आरक्षक गजपाल जांगड़े का वेतन और भत्ते नियमों के
अनुसार
जारी रहेंगे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश में सात प्रमुख निर्देश दिए गए हैं, जिनमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, बिलासपुर को सूचनार्थ भेजना, पुलिस अनुभागीय अधिकारी मस्तूरी को सूचनार्थ, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय को 7 दिनों में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट और दस्तावेज भेजने के निर्देश, उप पुलिस अधीक्षक रक्षित केंद्र, बिलासपुर को सूचनार्थ, रक्षित निरीक्षक, बिलासपुर को आवश्यक कार्यवाही हेतु आदेश, आर्थिक स्थापना/वेतन संबंधी कार्रवाई और आरक्षक गजपाल जांगड़े को थाना प्रभारी पचपेड़ी के पालनार्थ निर्देश शामिल हैं।
पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो में दिखाए गए अनुशासनहीन व्यवहार के मामले में तुरंत कार्रवाई की जा रही है। यह कदम विभाग की अनुशासनिक सख्ती और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। बिलासपुर पुलिस का यह निर्णय सामाजिक चेतना और सार्वजनिक विश्वास बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस घटना ने पुलिस विभाग की पारदर्शिता और जिम्मेदारी पर जोर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश ने यह संदेश दिया है कि किसी भी कर्मचारी का अनुचित या अनुशासनहीन व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वीडियो के वायरल होने के तुरंत बाद विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल निलंबन की कार्रवाई की, जिससे पुलिस विभाग की सख्त अनुशासन नीति सामने आई है।
साथ ही, मामले की प्रारंभिक जांच के लिए उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय को निर्देशित किया गया है कि वह 7 दिनों के भीतर पूरी जांच रिपोर्ट और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि अनुशासनहीनता की घटना का पूरी तरह से पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा सकें। बिलासपुर पुलिस ने यह भी कहा कि निलंबन के दौरान आरक्षक को कानूनी और नियमों के अनुसार सभी अधिकार और भत्ते प्रदान किए जाएंगे। इस कार्रवाई से पुलिस विभाग ने सार्वजनिक विश्वास बनाए रखने और विभागीय अनुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस संदेश दिया है। वायरल वीडियो ने पुलिस विभाग की जिम्मेदारी और सतर्कता पर सवाल खड़ा किया था, और वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया। इससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस विभाग अनुशासनहीनता के मामलों में तुरंत और सख्त कार्रवाई करता है।
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