OTP से फर्जी लिंक तक रहें सावधान कॉलेजों और समुदायों के बीच पहुंची पुलिस
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Khairagarh-Chhuikhadan-Gandai. खैरागढ़-छुईखदान-गंडई। बढ़ते साइबर अपराधों के बीच लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के लिए जिले में चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के चौथे सप्ताह के छठे दिन विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस बार अभियान की थीम “स्मार्टफोन प्राइवेसी एवं सेफ ब्राउज़िंग” रखी गई। पुलिस टीम ने महिला कॉलेजों और विभिन्न सामुदायिक समूहों के बीच पहुंचकर स्मार्टफोन की सुरक्षा, इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के तरीके बताए। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को बताया गया कि स्मार्टफोन आज बैंकिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन शॉपिंग और व्यक्तिगत दस्तावेजों से जुड़ा महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। ऐसे में मोबाइल फोन की सुरक्षा को नजरअंदाज करना व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी को जोखिम में डाल सकता है।
प्राइवेसी सेटिंग्स पर विशेष ध्यान देने की सलाह
अभियान के दौरान लोगों को अपने स्मार्टफोन और सोशल मीडिया अकाउंट की प्राइवेसी सेटिंग्स नियमित रूप से जांचने की सलाह दी गई। पुलिस टीम ने मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड इस्तेमाल करने तथा जहां संभव हो वहां 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सक्रिय रखने की जानकारी दी। लोगों को बताया गया कि सोशल मीडिया पर मोबाइल नंबर, पता, बैंक संबंधी जानकारी या अन्य संवेदनशील व्यक्तिगत विवरण सार्वजनिक रूप से साझा करने से बचना चाहिए। अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट या संदिग्ध सोशल मीडिया प्रोफाइल से भी सावधान रहने की जरूरत है।
अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले करें जांच
सुरक्षित ब्राउज़िंग को लेकर नागरिकों को संदिग्ध वेबसाइट और अनजान लिंक से बचने की सलाह दी गई। पुलिस ने बताया कि साइबर ठग कई बार आकर्षक ऑफर, इनाम, बैंक खाते की KYC अपडेट, पार्सल या अन्य बहानों से लिंक भेजते हैं। बिना सत्यता जांचे ऐसे लिंक पर क्लिक करना नुकसानदायक हो सकता है। अभियान में स्पष्ट किया गया कि बैंक या डिजिटल भुगतान से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति से साझा नहीं करनी चाहिए। OTP, PIN, CVV और पासवर्ड जैसी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जानी चाहिए।
ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल पेमेंट में भी रहें सतर्क
कार्यक्रम में ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल पेमेंट के दौरान होने वाली धोखाधड़ी के तरीकों के बारे में भी बताया गया। नागरिकों को भुगतान करने से पहले वेबसाइट या प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता जांचने और संदिग्ध QR कोड अथवा भुगतान लिंक से बचने की समझाइश दी गई। फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर परिचित व्यक्ति के नाम पर रुपये मांगने जैसे मामलों को लेकर भी सतर्क किया गया। किसी परिचित के नाम से अचानक पैसे की मांग वाला संदेश मिलने पर सीधे संबंधित व्यक्ति से संपर्क कर उसकी पुष्टि करने की सलाह दी गई।
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें संपर्क
पुलिस ने नागरिकों को बताया कि साइबर वित्तीय अपराध होने पर समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसी घटना होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। समय पर शिकायत करने से संबंधित एजेंसियों को संदिग्ध वित्तीय लेनदेन पर कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।
लोगों को दिलाई गई साइबर सुरक्षा की शपथ
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों को साइबर सुरक्षा संबंधी शपथ भी दिलाई गई। लोगों से अपील की गई कि वे स्वयं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के साथ अपने परिवार, दोस्तों और आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों के तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दें। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम और आम नागरिकों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रखने के उद्देश्य से “साइबर जागृति अभियान” लगातार चलाया जा रहा है। पुलिस ने संदेश दिया है कि जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।