Raipur रायपुर। प्रदेश में निर्धारित कीमत से अधिक दर पर शराब बेचने और अवैध शराब निर्माण से जुड़ी सामग्री मिलने के मामलों में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। अलग-अलग मामलों में तीन आबकारी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। वहीं दो अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है।
महासमुंद जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी (बेमचा) में राज्य स्तरीय उड़नदस्ता ने 7 सितंबर को आकस्मिक जांच की थी। छद्म ग्राहक के जरिए हुई जांच में बैगपाइपर व्हिस्की का एक पाव निर्धारित 190 रुपए के बजाय 200 रुपए में बेचा जाना पाया गया। दो अलग-अलग विक्रेताओं से खरीद में कुल 20 रुपए अधिक वसूले जाने की पुष्टि होने पर दोनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 39(ग) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
विभाग ने संबंधित क्षेत्र में निगरानी और नियंत्रण में लापरवाही मानते हुए आबकारी उप निरीक्षक नितेश सिंह बैस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसी मामले में सहायक जिला आबकारी अधिकारी दीपक ठाकुर और अजय कुमार पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
दूसरा बड़ा मामला भानुप्रतापपुर क्षेत्र से जुड़ा है। ग्राम बसंत नगर (नारायणपुर) के एक सूने किराए के मकान में छापेमारी के दौरान अवैध शराब निर्माण से संबंधित बड़ी मात्रा में सामग्री मिलने की बात सामने आई। यहां से 4409 खाली शराब की बोतल और पौवा, 105 पत्ता स्टीकर एवं होलोग्राम तथा 3380 ढक्कन समेत अन्य सामग्री बरामद की गई। इसके अलावा जम्मू स्पेशल व्हिस्की के 30 भरे हुए पौवा भी जब्त किए गए, जिनमें कुल 5.400 लीटर शराब थी। इतनी बड़ी मात्रा में खाली बोतलें, ढक्कन और स्टीकर मिलने के बाद विभाग ने क्षेत्रीय निगरानी में गंभीर लापरवाही मानी।
मामले में आबकारी उप निरीक्षक रानू मरकाम को निलंबित किया गया। साथ ही सहायक जिला आबकारी अधिकारी एवं प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी मधुकर श्याम हरित पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। आबकारी विभाग ने संकेत दिया है कि शराब की ओवर रेट बिक्री, अवैध निर्माण और निगरानी में लापरवाही के मामलों में सख्ती जारी रहेगी।
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