Janjgir-Champa. जांजगीर-चांपा। आबकारी विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 2 लाख 9 हजार 500 रुपये की ठगी करने के मामले में पामगढ़ थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने नौकरी लगवाने के नाम पर पीड़िता से रकम लेने के बाद उसे लगातार नौकरी लगने का भरोसा दिलाया। जब आबकारी विभाग की सूची में उसका नाम नहीं आया और पीड़िता ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगा। बाद में उसने अपना मोबाइल नंबर भी बंद कर दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राहुल कुमार जाटवर (25), निवासी अमलडीहा, थाना बिलाईगढ़, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया है।
आबकारी विभाग में नौकरी लगवाने का दिया झांसा
पुलिस के अनुसार, पामगढ़ थाना क्षेत्र के मेंहदा निवासी लीला मेहर ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, अगस्त 2025 में उसकी पहचान राहुल कुमार जाटवर से हुई थी। आरोपी ने खुद को आबकारी विभाग में लोगों की नौकरी लगवाने वाला बताया। राहुल ने पीड़िता को भी आबकारी विभाग में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। इसके बदले उसने कुल 6 लाख रुपये की मांग की। नौकरी मिलने की उम्मीद में पीड़िता आरोपी के झांसे में आ गई और उसने उसे रकम देना शुरू कर दिया।
फोन-पे और नकद के जरिए दिए 2 लाख रुपये
पीड़िता के मुताबिक, 10 सितंबर 2025 को उसने अलग-अलग लोगों के मोबाइल नंबरों के माध्यम से फोन-पे पर आरोपी के खाते में 1 लाख रुपये भेजे। इसके अलावा 1 लाख रुपये नकद भी दिए गए। इस तरह एक ही दिन में आरोपी को कुल 2 लाख रुपये दिए गए। इसके बाद आरोपी ने अधिकारियों को पैसे देने की बात कहते हुए फिर से 9,500 रुपये फोन-पे के माध्यम से मंगवाए। इस तरह पीड़िता से कुल 2 लाख 9 हजार 500 रुपये ले लिए गए। रकम लेने के बाद आरोपी ने पीड़िता को भरोसा दिलाया कि मार्च 2026 तक उसकी नौकरी लग जाएगी। आरोपी ने विश्वास दिलाने के लिए 1 लाख रुपये का चेक भी दिया था। पीड़िता नौकरी लगने का इंतजार करती रही।
सूची में नाम नहीं आया तो मांगी रकम वापस
मार्च 2026 तक नौकरी नहीं लगने और आबकारी विभाग की सूची में अपना नाम नहीं आने पर पीड़िता को संदेह हुआ। उसने आरोपी से अपनी रकम वापस मांगी। इसके बाद राहुल कुमार जाटवर पैसे लौटाने के बजाय लगातार टालमटोल करता रहा। पीड़िता के अनुसार, कुछ समय बाद आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर भी बंद कर दिया। संपर्क नहीं होने पर पीड़िता ने मामले की शिकायत पामगढ़ थाने में दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 347/2026 दर्ज किया और भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामले की विवेचना शुरू की।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया
मामला दर्ज होने के बाद पामगढ़ पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने उपलब्ध जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर राहुल कुमार जाटवर को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस के अनुसार आरोपी ने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे 27 अगस्त 2026 को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस टीम का सराहनीय योगदान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी की गई। कार्रवाई SDOP शिवरीनारायण तोमेश वर्मा के नेतृत्व में की गई। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पामगढ़ निरीक्षक सावन सारथी, सहायक उप निरीक्षक कृष्ण कुमार कोशले, प्रधान आरक्षक विनोद मनहर, भुनेश्वर पटेल और बेदराम पटेल का सराहनीय योगदान रहा। पुलिस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी ने नौकरी लगवाने के नाम पर अन्य लोगों से भी इसी तरह रकम ली है या नहीं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर किसी व्यक्ति द्वारा पैसे की मांग किए जाने पर पहले उसकी वास्तविकता की जांच करें और संदिग्ध मामले की जानकारी पुलिस को दें।