Raipur. रायपुर। शहरों की तस्वीर बदलने के लिए हमेशा बड़ी और लंबी परियोजनाओं की जरूरत नहीं होती। कई बार कुछ सौ मीटर की सड़क भी हजारों लोगों की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला देती है। अभनपुर में उरला चौक से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय तक बना 690 मीटर लंबा गौरव पथ इसी बदलाव की कहानी कह रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के बायपास निर्माण के बाद अभनपुर के प्रमुख प्रशासनिक परिसरों तक सीधी पहुंच की आवश्यकता महसूस हो रही थी। एसडीएम कार्यालय, तहसील कार्यालय, उप-पंजीयक कार्यालय, विद्युत विभाग, विश्राम गृह, ब्लॉक कॉलोनी और साप्ताहिक हाट-बाजार जैसे महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंचने के लिए लोगों को शहर के अंदरूनी और संकरे मार्गों का सहारा लेना पड़ता था।

गौरव पथ के निर्माण से उरला चौक से प्रशासनिक क्षेत्र तक सीधी कनेक्टिविटी स्थापित हुई है। इसका सबसे बड़ा असर शहर की अंदरूनी सड़कों पर दिख रहा है। करीब 20 हजार की आबादी को इस मार्ग का सीधा लाभ मिल रहा है। वाहनों का दबाव कम होने से शहर की आंतरिक सड़कों पर यातायात और जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आई है। इस मार्ग का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि बाजार क्षेत्र तक पहले केवल एक कच्चा वैकल्पिक रास्ता था, जो बरसात में बंद हो जाता था। गौरव पथ के साथ पुल-पुलियों के निर्माण से जलभराव और मार्ग अवरुद्ध होने की समस्या का स्थायी समाधान हुआ है। अब ब्लॉक कॉलोनी, विश्राम गृह और साप्ताहिक हाट-बाजार तक सालभर सुगम आवाजाही संभव है। बेहतर सड़क संपर्क का सीधा असर स्थानीय व्यापार पर पड़ा है। बाजार और हाट-बाजार तक लोगों की पहुंच आसान होने से व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी आई है। 690 मीटर की यह सड़क लंबाई में छोटी जरूर है, लेकिन यह अभनपुर के प्रशासनिक क्षेत्र, आवासीय इलाकों और बाजार को जोड़ने वाली नई लाइफलाइन बन गई है। यह मार्ग प्रशासनिक सुगमता, शहरी यातायात प्रबंधन और आम जनता के जीवन को सरल बनाने वाली एक जनोपयोगी विकास परियोजना के रूप में सामने आया है।
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