Korba. कोरबा। जिले के लेमरू वन परिक्षेत्र के छातीबहार गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां जंगल क्षेत्र में गुफा दिखाने के बहाने ले जाए गए दो सगे भाइयों पर भालू ने हमला कर दिया। हमले में दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि बड़े भाई ने साहस दिखाते हुए भालू का मुकाबला किया और छोटे भाई की जान बचाई। जानकारी के अनुसार, कोरबा शहर से तीन युवक घूमने के लिए छातीबहार गांव पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात गांव में घूम रहे दो छोटे भाइयों से हुई। युवकों ने दोनों बच्चों को गुफा और पहाड़ दिखाने की बात कही। बच्चों ने पहले जाने से मना किया, लेकिन आरोप है कि उन्हें पैसे का लालच देकर साथ चलने के लिए तैयार किया गया। इसके बाद तीनों युवक बच्चों को अपनी काली कार में बैठाकर जंगल की ओर ले गए। कार खड़ी करने के बाद सभी लोग गुफा देखने के लिए पैदल आगे बढ़े। बताया जा रहा है कि दोनों भाई आगे चल रहे थे, जबकि तीनों युवक पीछे थे।
गुफा के पास भालू ने किया हमला
जैसे ही बच्चे और युवक गुफा के पास पहुंचे, वहां मौजूद भालू ने अचानक हमला कर दिया। भालू ने सबसे पहले छोटे भाई पर हमला किया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। छोटे भाई को खतरे में देखकर बड़े भाई ने हिम्मत दिखाई और भालू से भिड़ गया। उसने पत्थर से हमला कर भालू को पीछे हटाने की कोशिश की। बड़े भाई की बहादुरी से छोटे भाई की जान बच सकी।
युवक मौके से भागे
घटना के दौरान गुफा दिखाने ले गए तीनों युवक डरकर वहां से भाग गए। दोनों बच्चे घायल हालत में रह गए। बाद में ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने मौके पर पहुंचकर मदद की। घटना से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने युवकों की कार में तोड़फोड़ कर दी। ग्रामीणों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि बच्चों को जंगल क्षेत्र में ले जाना जोखिम भरा था।
अस्पताल में भर्ती बच्चे
घायल बच्चों की पहचान 10 वर्षीय मुकेश और 7 वर्षीय सोनू के रूप में हुई है। दोनों को इलाज के लिए जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, छोटे भाई सोनू की हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है।
वन विभाग ने शुरू की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही लेमरू वन परिक्षेत्र के डिप्टी रेंजर श्रवण कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने घटना की जानकारी ली और घायल बच्चों के परिवार को तात्कालिक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही।
वन क्षेत्र में रहने वाले लोगों और ग्रामीणों को लगातार जंगली जानवरों से सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। इस घटना के बाद जंगल क्षेत्रों में बच्चों को ले जाने और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।