रायपुर में गुंडागर्दी का सनसनीखेज मामला, व्हाट्सऐप ग्रुप विवाद पर सोसायटी में मारपीट
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Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर से मारपीट और खुलेआम गुंडागर्दी का गंभीर मामला सामने आया है। मुजगहन थाना क्षेत्र में स्थित एक रिहायशी सोसायटी में व्हाट्सऐप ग्रुप में किए गए मैसेज को लेकर उपजा विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि राहुल जैन ने अपने कई साथियों के साथ मिलकर सोसायटी के रहवासियों पर हमला कर दिया। इस दौरान न सिर्फ पुरुषों के साथ मारपीट की गई, बल्कि महिलाओं के साथ भी हाथापाई और बदसलूकी का आरोप लगा है। घटना के दौरान सोसायटी के गार्ड और सुरक्षा व्यवस्था को भी निशाना बनाया गया। हमलावरों ने गार्ड रूम में तोड़फोड़ की और वहां मौजूद सामान को नुकसान पहुंचाया। पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मारपीट, धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल साफ देखा जा सकता है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोसायटी के व्हाट्सऐप ग्रुप में किसी मुद्दे को लेकर मैसेज किए गए थे, जिस पर राहुल जैन और उसके साथियों ने आपत्ति जताई। पहले कहासुनी हुई और फिर यह विवाद अचानक हिंसा में बदल गया। आरोप है कि राहुल जैन अपने साथ कई युवकों को लेकर सोसायटी में पहुंचा और रहवासियों के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। जब कुछ महिलाओं ने बीच-बचाव की कोशिश की तो उनके साथ भी मारपीट की गई। घटना के बाद सोसायटी के रहवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि राजधानी जैसे शहर में इस तरह की गुंडागर्दी कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। रहवासियों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित पक्ष की शिकायत पर मुजगहन थाना में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने बताया कि वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना में कितने लोग शामिल थे और क्या पहले से किसी तरह की रंजिश थी। फिलहाल पुलिस ने सोसायटी में अतिरिक्त गश्त बढ़ा दी है ताकि स्थिति सामान्य बनी रहे। प्रशासन ने भी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। इस घटना ने राजधानी रायपुर में सुरक्षा व्यवस्था और रिहायशी इलाकों में बढ़ती असहिष्णुता को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।