Raipur. रायपुर। जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिश्वरंजन ने सोमवार को ग्राम पंचायत टेमरी, बनारसी और माना बस्ती का दौरा कर विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों, सरपंच और सचिवों से कार्यों की प्रगति की जानकारी ली तथा निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ ने ग्राम पंचायतों में संचालित विभिन्न विकास कार्यों की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बालिका शौचालय, एफएसटीपी (फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट), आंगनबाड़ी केंद्र सहित अन्य निर्माण एवं विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से कार्यों की वर्तमान स्थिति, प्रगति और पूर्णता को लेकर जानकारी ली।
सीईओ कुमार बिश्वरंजन ने संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच और सचिवों को निर्देशित किया कि सभी स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करना संबंधित अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने पर प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कार्यों की पूर्णता में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब पाया जाता है तो संबंधित जिम्मेदार सचिवों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए, ताकि किसी स्तर पर काम की गति प्रभावित न हो।
निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। सीईओ ने कहा कि विकास कार्यों में निर्धारित मापदंडों और गुणवत्ता का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। केवल कार्यों को समय पर पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता भी बेहतर होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करने को कहा। ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित विकास योजनाओं का लाभ स्थानीय लोगों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए प्रशासन द्वारा कार्यों की प्रगति की निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में जिला पंचायत सीईओ का यह निरीक्षण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मौके पर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
सीईओ ने कहा कि पंचायत क्षेत्रों में चल रहे निर्माण और विकास कार्यों में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सरपंच और सचिवों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए निर्धारित समय में सभी कार्य पूरे कराने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और प्रगति की समीक्षा जारी रखने को कहा। जिला पंचायत प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा दोनों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कार्यों में लापरवाही या देरी मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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