Raipur. रायपुर। देश के विभिन्न राज्यों में घूम-घूमकर चोरी की बड़ी वारदातों को अंजाम देने वाले शातिर नकबजन लोकेश श्रीवास को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ आंध्रप्रदेश, ओडिशा, दिल्ली सहित छत्तीसगढ़ के कई जिलों में करोड़ों रुपये की चोरी के मामले दर्ज हैं। खास बात यह है कि बिलासपुर जेल से रिहा होने के अगले ही दिन आरोपी ने रायपुर के सिविल लाइन और मौदहापारा थाना क्षेत्र में एक के बाद एक चार दुकानों में सेंधमारी कर लाखों की चोरी की थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी शिव कुमार वर्मा ने थाना सिविल लाइन में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी ‘लब-डब’ नामक कपड़े की दुकान माता गैराज के पास, पंडरी क्षेत्र में स्थित है। 31 जनवरी और 1 फरवरी 2026 की दरम्यानी रात अज्ञात आरोपी ने दुकान का छप्पर तोड़कर भीतर प्रवेश किया और गल्ले से करीब 2 लाख 75 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए। इसी दौरान पास की नोवा फर्नीचर दुकान से लगभग 1 लाख 40 हजार रुपये और डिजाइनर सैनिटेशन एवं हार्डवेयर दुकान से करीब 2 लाख 85 हजार रुपये नगद चोरी किए गए। इस तरह तीन दुकानों से कुल 7 लाख रुपये की चोरी हुई। इस मामले में थाना सिविल लाइन में अपराध क्रमांक 56/26 धारा 331(4), 305 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले के मार्गदर्शन में पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) उमेश प्रसाद गुप्ता ने अज्ञात आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान घटना स्थलों का निरीक्षण किया गया और प्रार्थियों से विस्तृत पूछताछ की गई। वारदात के तरीके से पुलिस को संदेह हुआ कि सभी चोरी की घटनाओं को एक ही शातिर चोर ने अंजाम दिया है। इसके बाद हजारों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए और तकनीकी विश्लेषण के जरिए संदिग्ध की पहचान की गई। साथ ही हाल ही में जेल से रिहा हुए आरोपियों और पूर्व में चोरी के मामलों में संलिप्त अपराधियों का रिकॉर्ड खंगाला गया।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी डेटा के मिलान के बाद आरोपी की पहचान शातिर नकबजन लोकेश श्रीवास के रूप में हुई। मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने उसकी घेराबंदी कर गिरफ्तारी की। कड़ाई से पूछताछ में आरोपी ने सिविल लाइन क्षेत्र की चोरी के अलावा मौदहापारा थाना क्षेत्र के के.के. रोड गली नंबर 02 स्थित जया ऑटो मोबाइल दुकान में छत तोड़कर चोरी करना भी स्वीकार किया। इस संबंध में थाना मौदहापारा में अपराध क्रमांक 25/26 धारा 331(4), 305 बीएनएस के तहत मामला दर्ज है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की नकदी 79,500 रुपये, एक मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त एक अन्य मोबाइल फोन जब्त किया है, जिसकी कुल कीमत लगभग 1 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार लोकेश श्रीवास के खिलाफ देशभर में चोरी के कई चर्चित मामले दर्ज हैं। उसने आंध्रप्रदेश के विजयनगर में एक ज्वेलरी शॉप से 6 किलो सोना, ओडिशा में 500 ग्राम सोने के जेवर, दिल्ली में 18.5 किलो सोने के आभूषण, राजनांदगांव, कबीरधाम, दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर में ज्वेलरी व कपड़े की दुकानों से करोड़ों रुपये की चोरी की है। दुर्ग के पारख ज्वेलर्स से करीब 4 करोड़ रुपये के हीरे, सोना और चांदी के जेवर तथा दुर्ग स्थित बजाज शोरूम से 9 लाख रुपये की चोरी भी इसके खाते में शामिल है। आरोपी लोकेश श्रीवास उर्फ गोलू, पिता कपिल श्रीवास, उम्र 35 वर्ष, निवासी कैलाश नगर, विवेकानंद स्कूल के पास, थाना कोतवाली, जिला कबीरधाम का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार आरोपी अब तक चोरी की दो दर्जन से अधिक घटनाओं को अंजाम दे चुका है। फिलहाल उससे अन्य चोरी की वारदातों के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है।