भाई से विवाद के बाद 10 वर्षीय बच्ची ने लगाई फांसी, फैली सनसनी

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Update: 2026-03-20 13:39 GMT
Durg. दुर्ग। जिले के जामुल थाना क्षेत्र में गुरुवार 19 मार्च की शाम को एक दुखद घटना सामने आई, जहां 10 वर्षीय बच्ची गुरप्रीत कौर उर्फ खुशी ने अपने भाई से हुए विवाद के बाद फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। बच्ची गणेश नगर वार्ड-5 की निवासी थी और स्वामी आत्मानंद स्कूल जामुल में कक्षा चौथी की छात्रा थी। घटना के अनुसार, घर में बच्ची अपने बड़े भाई के साथ थी। दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया, और बड़े भाई ने उसे डांट दिया। इसके बाद बच्ची गुस्साई और दुखी होकर कमरे में चली गई और दरवाजा बंद कर लिया। उसने कमरे में रखी टेबल का सहारा लेकर और चुनरी का फंदा पंखे से बांधकर फांसी लगा ली।

घटना की सूचना मिलते ही परिजन और पड़ोसी तत्काल बच्ची को फंदे से उतारने के प्रयास में जुट गए और उसे पास के अस्पताल ले गए। इसके बाद उसे भिलाई के बीएम शाह अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची का अंतिम संस्कार शुक्रवार को संपन्न हुआ। बताया जा रहा है कि घटना के समय घर में कोई बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था। बच्ची के पिता ड्राइवर हैं और मां ब्यूटी पार्लर में काम करती हैं। इस दौरान दोनों ही घर से बाहर थे, जिसके कारण कोई तुरंत स्थिति को नियंत्रित नहीं कर सका। पड़ोसियों ने बताया कि बच्ची का भाई उसे डांटने के बाद विवाद समाप्त हुआ समझ रहा था, लेकिन बच्ची इस घटना से गहरी भावनात्मक रूप से प्रभावित हुई थी। इस दर्दनाक घटना ने पूरे वार्ड और इलाके के निवासियों में शोक और चिंता पैदा कर दी है। पड़ोसियों और स्कूल के शिक्षक भी बच्ची की अकस्मात मौत से स्तब्ध हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार को इस घटना से उबरने में लंबा समय लगेगा। जामुल पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है और घटना की पूरी जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वे यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं।

क्या इस आत्महत्या के पीछे और कोई कारण, मानसिक या पारिवारिक दबाव था। पुलिस अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों से पूछताछ भी शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं में परिवार और समाज की मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। बच्चे की छोटी-सी बात या विवाद भी भावनात्मक रूप से गहरी चोट पहुंचा सकता है। ऐसे मामलों में परिजनों को समय पर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और
भावनात्मक समस्याओं
पर ध्यान देना चाहिए। घटना ने स्कूल और आसपास के इलाके में सुरक्षा और निगरानी के महत्व को भी उजागर किया है। स्कूल प्रशासन ने भी छात्राओं और छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य और आपसी समझदारी के बारे में जागरूक करने की योजना बनाई है। जामुल पुलिस इस मामले में सख्ती बरत रही है और परिवार को हर संभव मदद देने का आश्वासन दे रही है। पुलिस ने कहा कि बच्चों के साथ किसी भी तरह की अनदेखी या आपसी विवाद को गंभीरता से लेना आवश्यक है। इस दुखद घटना ने जिले में मानसिक स्वास्थ्य और बच्चों की सुरक्षा के प्रति चेतना बढ़ाने की जरूरत को फिर से उजागर किया है।
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