जनता से रिश्ता ने खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की
जनता से रिश्ता भारत का पहला मिड-डे अखबार है जो दिल्ली और छत्तीसगढ़ से प्रकाशित होता है और पिछले 12 वर्षों से खबरों का व्यापक कवरेज कर रहा है।
अश्लील और नंगी पार्टियों में शामिल लोगों की पहचान के लिए पुलिस को गहराई से जांच करनी होगी।
पुलिस को इस पार्टी का मुख्य चेहरा और आयोजकों का नेटवर्क ढूँढ़ना होगा।
कई सफेदपोश नेताओं के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। ये पार्टियाँ समाज में छिपे अपराध नेटवर्क और आर्थिक अनियमितताओं का संकेत हो सकती हैं।
नाडा-पायजामा छाप नेताओं द्वारा अपनी छवि बचाकर काला धन इन पार्टियों में लगाया जाता है।
पुलिस को वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और नकदी के स्रोत की भी जांच करनी होगी।
ऐसे आयोजनों में शामिल लोगों के सामाजिक और राजनीतिक संबंधों की पड़ताल आवश्यक है।
महिलाओं और युवाओं की सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी इन पार्टियों पर कड़ी निगरानी जरूरी है। कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए ऐसे आयोजनों पर प्रतिबंध और लाइसेंस प्रक्रिया को सख्त करना होगा।
पुलिस को डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर इनके प्रचार-प्रसार की भी जानकारी जुटानी होगी।
मीडिया, सामाजिक संगठन और प्रशासन को मिलकर जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।
इन पार्टियों में शामिल लोगों की पहचान उजागर कर समाज में अपराध के प्रति सतर्कता बढ़ाई जा सकती है।
संगठित अपराध से जुड़े गिरोहों की तलाश कर उनके आर्थिक और राजनीतिक संपर्कों को तोड़ना होगा। ऐसे आयोजनों में शामिल युवाओं को नशा, अश्लीलता और अपराध से दूर रखने के लिए परामर्श, हेल्पलाइन और पुनर्वास कार्यक्रम शुरू किए जाएँ।
Raipur. रायपुर। पुलिस ने एक बड़े अवैध आयोजन का भंडाफोड़ करते हुए स्ट्रेन्जर हाउस/पूल पार्टी का आयोजन करने वाले आयोजक सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक कार्रवाई शुरू कर दी है। यह घटना एस.एस. फार्म हाउस भाठागांव में आयोजित किए जाने वाले अवैध कार्यक्रम से जुड़ी है, जिसे सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचारित किया जा रहा था। पुलिस की एण्टी क्राइम एवं साइबर यूनिट तथा थाना तेलीबांधा की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़कर उनके खिलाफ अश्लीलता एवं साइबर अपराध से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।
छत्तीसगढ़ में अपराध और राजनीतिक संरक्षण के बीच गहराते रिश्तों ने पुलिस की तहक़ीक़ात गहरी करने की जरूरत है और किसी राजनीतिक दबाव में नहीं आना चाहिए। कई बार सामने आता है कि छोटे स्तर के आरोपियों को पकड़ कर कार्रवाई की जाती है, लेकिन असली मास्टरमाइंड जो एक बड़े राजनीतिक दल का कार्यकर्ता और नेता होने के साथ-साथ पूरे प्रदेश में पहचान बना चुका है। अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। ये वही लोग हैं जो छुटभैये नेताओं की बाढ़ खड़ी कर अपराध की दुनिया में अपने हित साधते हैं। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के नाड़ा-पायजामा छाप नेताओं का एक गुट सक्रिय है, जो फार्महाउस और क्लबों में ठेकेदारी लेकर अवैध कारोबार संचालित कर रहा है। इस गिरोह की विशेषता यह है कि ये स्वयं को सफेदपोश नेताओं के रूप में प्रस्तुत करते हैं, जबकि पर्दे के पीछे वे जिस्म फरोशी, शराब तस्करी, अवैध जुआ और अन्य आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हैं। यह गिरोह ठेके लेकर अपने नेटवर्क को मजबूत करता है और कानून से बचने के लिए राजनीतिक संरक्षण प्राप्त करता है। पुलिस की रेड का डर नहीं रहता, क्योंकि इनके संपर्क सत्ता तक फैले हुए हैं। सूत्र बताते हैं कि ठेका मिलने के साथ ही इन नेताओं के गुर्गे फार्महाउस और क्लबों में अपना कब्जा कर लेते हैं और स्थानीय युवाओं को अपराध की राह पर धकेलते हैं। समाज में फैली असुरक्षा और डर का माहौल इनकी ताकत बन चुका है। इसी तरह का एक और मामला बीती रात को सामने आया है। जिसमें चंगोरा भाता का नामी सट्टेबाज ने बड़े छुटभैया नेता के क्लब में जमकर मारपीट की जानकारी आ रही है।
जो भी इनके खिलाफ आवाज उठाता है, उस पर दबाव डालकर मामला रफा-दफा कर दिया जाता है। कई बार जांच एजेंसियों को भ्रमित करने के लिए छोटे अपराधियों को पकड़ कर मामला हल्का कर दिया जाता है, जबकि असली अपराधी खुलेआम घूमते रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे नेताओं के खिलाफ जांच जरूरी है, क्योंकि ये सिर्फ अपराध नहीं बढ़ा रहे, बल्कि समाज की नैतिकता और कानून व्यवस्था को भी नुकसान पहुँचा रहे हैं। फार्महाउस और क्लब अपराध के केंद्र बन चुके हैं, जहाँ नशे, अवैध कारोबार और शोषण जैसी घटनाएँ आम होती जा रही हैं। पुलिस की जिम्मेदारी है कि निष्पक्ष और साहसिक कार्रवाई करते हुए असली दोषियों तक पहुँचे। बिना किसी राजनीतिक दबाव के, तकनीकी जांच, वित्तीय लेन-देन की समीक्षा और गुप्त सूत्रों की मदद से इस गिरोह का पर्दाफाश किया जाए। समाज के जागरूक नागरिकों ने भी पुलिस से अपील की है कि वे नाड़ा-पायजामा छाप नेताओं की असलियत सामने लाकर कानून का डर कायम करें। अन्यथा फार्महाउस और क्लब अपराध के अड्डे बनते रहेंगे और युवा पीढ़ी गलत दिशा में बढ़ती जाएगी। अब देखना यह है कि पुलिस असली मुजरिम तक पहुँचकर कानून की ताकत का एहसास कराती है या फिर राजनीतिक दबाव में मामूली मामलों में ही कार्रवाई कर संतुष्ट हो जाती है। जनता की नजरें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
पुलिस के अनुसार, दिनांक 21 सितंबर 2025 को एस.एस. फार्म हाउस भाठागांव में “RAIPUR'S BIGGEST STRANGERS HOUSE/POOL PARTY” का आयोजन प्रस्तावित था। कार्यक्रम का प्रचार विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर “APARICHIT CLUB PRESENT” नाम से किया जा रहा था। इसके लिए इंस्टाग्राम पर “अपरिचित क्लब” नाम का पेज बनाया गया था, जहाँ कार्यक्रम से संबंधित पोस्टर और वीडियो साझा कर युवाओं को आकर्षित किया जा रहा था।
दिनांक 13 सितंबर 2025 को पुलिस को सोशल मीडिया से सूचना प्राप्त हुई कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग अपने बैंक खातों से रकम ट्रांसफर कर इंट्री कर रहे हैं। कार्यक्रम में अश्लीलता और अनुचित गतिविधियों की संभावना देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राइम संदीप मित्तल, उप पुलिस अधीक्षक क्राइम संजय सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन नरेश पटेल सहित टीम को अज्ञात आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के निर्देश दिए।
तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने प्रचारित हो रहे पोस्टरों और वीडियो से आरोपियों की पहचान की। पूछताछ में पता चला कि कार्यक्रम का आयोजन संतोष जेवानी और अजय महापात्रा कर रहे थे। कार्यक्रम के लिए फार्म हाउस संतोष गुप्ता द्वारा उपलब्ध कराया गया था। वहीं, अवनीश गंगवानी “WHAT IS RAIPUR” नामक प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रमोशन कर रहा था। जेम्स बेक, जो वीआईपी रोड तेलीबांधा स्थित हाईपर क्लब का संचालक है, अपने सहयोगियों दीपक सिंह और देवेन्द्र कुमार यादव के साथ मिलकर आयोजन को बढ़ावा दे रहा था। पुलिस ने कार्यक्रम से जुड़े सात आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 592/25 के तहत धारा 4 स्त्री अशिष्ट रूपण प्रतिषेध अधिनियम, धारा 67 आईटी एक्ट तथा धारा 79 भारतीय न्याय संहिता में मामला दर्ज किया है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
संतोष गुप्ता (68 वर्ष), एस.एस. फार्म हाउस भाठागांव के मालिक।
संतोष जेवानी (30 वर्ष), कार्यक्रम आयोजक।
अजय महापात्रा (35 वर्ष), कार्यक्रम आयोजक।
अवनीश गंगवानी (31 वर्ष), प्रमोशन कराने वाला।
जेम्स बेक (59 वर्ष), हाईपर क्लब संचालक।
दीपक सिंह (39 वर्ष), हाईपर क्लब से जुड़ा सहयोगी।
देवेन्द्र कुमार यादव (37 वर्ष), हाईपर क्लब से जुड़ा सहयोगी।
पुलिस ने यह भी बताया कि जिन लोगों ने बैंक खातों से रकम ट्रांसफर कर इवेंट में भागीदारी की थी, उनकी भी जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं यह आयोजन किसी बड़े नेटवर्क से तो नहीं जुड़ा है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर युवाओं को भटकाने की
कोशिश की जा रही थी, जिसे समय रहते रोका गया। इस कार्रवाई की सराहना करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि त्योहारों और छुट्टियों के दौरान ऐसे आयोजनों की निगरानी और सतर्कता बढ़ाई जाएगी।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर मिलने वाली ऐसी पार्टियों और इवेंट्स से सतर्क रहें, किसी भी आपत्तिजनक कार्यक्रम की सूचना तुरंत पुलिस को दें। फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड में भेज दिया गया है और पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर रही है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर में अश्लीलता, अवैध आयोजन और साइबर अपराध को लेकर कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। रायपुर पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई युवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।