दरभंगा में ट्रैफिक जाम से हाहाकार, घंटों फंस रहे लोग

Update: 2026-08-04 10:44 GMT

दरभंगा। बिहार के दरभंगा शहर में बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था अब लोगों के लिए रोजाना की परेशानी बन गई है। शहर में वन-वे और नो-एंट्री जैसी व्यवस्थाएं लागू होने के बावजूद शाम होते ही प्रमुख सड़कें जाम से जूझने लगती हैं। स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों को घंटों लग जाते हैं।

शहरवासियों का कहना है कि सामान्य दिनों में जिस रास्ते को तय करने में महज 10 मिनट लगते हैं, उसी दूरी को पूरा करने में अब डेढ़ से दो घंटे तक का समय लग रहा है। जाम के कारण लोगों को समय की बर्बादी के साथ-साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है।

दरभंगा शहर में शाम के समय यातायात का दबाव अचानक बढ़ जाता है। बाजार क्षेत्रों, प्रमुख चौक-चौराहों और व्यस्त सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। दोपहिया वाहन, ऑटो, ई-रिक्शा और चार पहिया वाहनों की संख्या बढ़ने से सड़कों पर चलना मुश्किल हो जाता है।

लोगों की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि शाम के बाद कई प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी कम हो जाती है। यातायात नियंत्रण के लिए लगाए गए नियमों का पालन कराने वाला कोई नजर नहीं आता, जिससे वाहन चालक मनमाने तरीके से गाड़ियां खड़ी कर देते हैं और जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वन-वे और नो-एंट्री व्यवस्था तभी प्रभावी हो सकती है, जब उसका सख्ती से पालन कराया जाए। नियम लागू होने के बावजूद कई जगहों पर वाहन चालक नियमों की अनदेखी करते दिखाई देते हैं। इससे यातायात व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से बनाई गई योजनाएं प्रभावी साबित नहीं हो पा रही हैं।

शहर के व्यापारियों का कहना है कि जाम का असर कारोबार पर भी पड़ रहा है। ग्राहक बाजार तक पहुंचने में परेशानी महसूस करते हैं, वहीं दुकानदारों को भी दिनभर की गतिविधियों में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

स्कूल, कार्यालय और जरूरी काम से निकलने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। कई बार जाम में फंसने के कारण लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते। आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी ट्रैफिक जाम बड़ी समस्या बन सकता है।

लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। प्रमुख चौक-चौराहों पर पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक पुलिस की तैनाती, अवैध पार्किंग पर कार्रवाई और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्ती जरूरी बताई जा रही है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि केवल नियम बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन की जरूरत है। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पुलिस और नगर प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल भी जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के मुकाबले शहर की सड़क व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में ट्रैफिक प्रबंधन के लिए दीर्घकालिक योजना बनाने की आवश्यकता है। इसमें पार्किंग व्यवस्था, सड़क चौड़ीकरण, यातायात नियमों की निगरानी और लोगों में जागरूकता बढ़ाना शामिल है।

दरभंगा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में बेहतर यातायात व्यवस्था लोगों की जरूरत बन चुकी है। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में जाम की समस्या और गंभीर हो सकती है।

फिलहाल शहरवासी प्रशासन से उम्मीद कर रहे हैं कि शाम के समय बढ़ने वाली ट्रैफिक समस्या पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और लोगों को रोजाना की इस परेशानी से राहत मिलेगी।

Tags:    

Similar News