Patna पटना। जन सुराज पार्टी के संस्थापक और विधायक प्रशांत किशोर ने बिहार सरकार के मंत्री संतोष सुमन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में विकास के मुद्दों पर चर्चा कम और शहरों के नाम बदलने जैसे विषयों पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि यह इस बात का एक और संकेत है कि बिहार में भाजपा की सरकार बन गई है। उन्होंने कहा, “यहां विकास पर बात कम और नाम बदलने पर चर्चा ज्यादा होगी।”
उन्होंने राज्य में बाढ़ की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि इतनी बड़ी त्रासदी के बीच राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का केंद्र बाढ़ के स्थायी समाधान को बनाया जाना चाहिए। अगर इसके बजाय शहरों के नाम बदलने की चर्चा होती है तो इससे सरकार की प्राथमिकताओं और सोच का पता चलता है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों की समस्याओं और उनके स्थायी समाधान पर ध्यान देना अधिक जरूरी है। उनके मुताबिक बिहार में बाढ़ एक गंभीर समस्या है और इससे बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में सरकार को इससे निपटने के दीर्घकालिक उपायों पर चर्चा करनी चाहिए।
उन्होंने संतोष सुमन के बयान को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि जनता की परेशानियों के बीच नाम बदलने जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देना बताता है कि सरकार लोगों की समस्याओं को लेकर कितनी गंभीर है। प्रशांत किशोर का बयान बिहार की राजनीति में विकास बनाम नाम बदलने की बहस को और तेज कर सकता है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मौजूदा समय में राज्य के सामने मौजूद बाढ़ जैसी गंभीर समस्या के स्थायी समाधान पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है।
Tags: