शराब के खिलाफ छापेमारी करने पहुंची उत्पाद विभाग की टीम पर हमला, आधा दर्जन जवान घायल
समस्तीपुर। हलई थाना क्षेत्र की बनबीरा पंचायत में रविवार को शराब के खिलाफ छापेमारी करने पहुंची उत्पाद विभाग की टीम पर कथित रूप से हमला कर दिया गया। आरोप है कि शराब कारोबार से जुड़े लोगों ने दो दर्जन से अधिक उपद्रवियों के साथ मिलकर टीम को घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। अचानक हुए हमले में उत्पाद विभाग के करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार, पटोरी उत्पाद विभाग की टीम को बनबीरा पंचायत में अवैध रूप से शराब का कारोबार किए जाने की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर विभागीय टीम रविवार को संबंधित ठिकाने पर छापेमारी करने पहुंची। टीम के सदस्यों ने जैसे ही कार्रवाई शुरू की, वहां मौजूद कुछ लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और स्थिति तनावपूर्ण बन गई।
उत्पाद विभाग के अधिकारियों का आरोप है कि शराब कारोबार से जुड़े लोगों ने कार्रवाई को रोकने के लिए टीम को चारों ओर से घेर लिया। उनके साथ आए दो दर्जन से अधिक लोगों ने विभागीय कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों पर कथित रूप से हमला कर दिया। अचानक हुई मारपीट के कारण टीम के सदस्यों को संभलने का मौका नहीं मिला।
हमले के दौरान करीब आधा दर्जन उत्पाद पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। घटना के बाद घायल कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। उनकी चोटों और स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। विभाग की ओर से घटना की सूचना स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।
छापेमारी के समय उत्पाद विभाग की टीम किस विशेष सूचना के आधार पर वहां पहुंची थी और मौके से शराब या अन्य सामग्री बरामद हुई या नहीं, इस बारे में आधिकारिक विवरण अभी स्पष्ट नहीं है। हमले के कारण अभियान प्रभावित होने की बात कही जा रही है। अब संबंधित अधिकारी घटनाक्रम की पूरी जानकारी एकत्र कर रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर बताया जा रहा है कि टीम के पहुंचने के बाद पहले कुछ लोगों ने बहस की। इसके बाद वहां और लोग जुट गए तथा विवाद हिंसक हो गया। हालांकि, घटनास्थल पर मौजूद लोगों की भूमिका और हमला करने वालों की सही संख्या की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी। उत्पाद विभाग ने दो दर्जन से अधिक लोगों के शामिल होने की बात कही है।
सरकारी कार्य में बाधा डालने और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों पर हमला करने की घटना को गंभीर माना जा रहा है। अधिकारियों की ओर से हमलावरों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और कर्मचारियों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई किए जाने की संभावना है। फिलहाल किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
उत्पाद विभाग शराब की अवैध बिक्री, निर्माण और परिवहन के खिलाफ नियमित रूप से अभियान चलाता है। गुप्त सूचना के आधार पर विभागीय टीमें अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी करती हैं। कई बार कार्रवाई के दौरान स्थानीय विरोध का सामना भी करना पड़ता है। बनबीरा पंचायत में हुई घटना ने इस तरह के अभियानों में शामिल टीमों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शराब कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पर्याप्त सुरक्षा बल की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है। यदि किसी स्थान पर बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने या विरोध की आशंका हो तो स्थानीय थाने के साथ समन्वय कर संयुक्त अभियान चलाया जा सकता है। इस घटना के बाद भविष्य की छापेमारी में सुरक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत किए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
घटना की सूचना मिलने के बाद हलई थाना क्षेत्र में भी सतर्कता बढ़ाई गई। अधिकारियों के स्तर पर यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि हमला अचानक हुआ या छापेमारी को रोकने के लिए पहले से लोगों को एकत्र किया गया था। आरोपियों की पहचान के लिए विभागीय कर्मचारियों के बयान महत्वपूर्ण होंगे।
हमले में घायल उत्पाद कर्मियों ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों के संबंध में जानकारी दी है। आरोप है कि कार्रवाई का विरोध करने वाले कुछ लोगों ने पहले टीम से विवाद किया और बाद में अन्य लोगों को बुलाकर हमला कर दिया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, घटना के दौरान इलाके में कुछ समय के लिए भय और तनाव की स्थिति बन गई थी। अचानक लोगों की भीड़ जुटने और मारपीट शुरू होने से आसपास के लोग अपने घरों तथा सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। मामला शांत होने के बाद भी क्षेत्र में घटना को लेकर चर्चा बनी रही।
उत्पाद विभाग और स्थानीय पुलिस अब हमले की परिस्थितियों की पड़ताल कर रहे हैं। यदि घटनास्थल या आसपास सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध हुए तो उनकी रिकॉर्डिंग भी हमलावरों की पहचान में सहायक हो सकती है। इसके अतिरिक्त मोबाइल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घायल कर्मचारियों की जानकारी के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकती हैं।
इस मामले में शराब कारोबार से जुड़े होने का आरोप जिन लोगों पर लगाया गया है, उनकी भूमिका अभी जांच का विषय है। किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने का अंतिम निर्णय अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा। प्रशासन के सामने फिलहाल हमलावरों की पहचान, घायल कर्मियों की सुरक्षा और शराब से संबंधित मूल सूचना की जांच तीन प्रमुख चुनौतियां हैं।
घटना ने एक बार फिर सरकारी टीमों पर कार्रवाई के दौरान होने वाले हमलों का मुद्दा सामने ला दिया है। कानून लागू करने पहुंचे कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ स्थानीय स्तर पर अवैध शराब की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी की जरूरत है। विभाग की ओर से हमले में शामिल लोगों के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराने और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
बनबीरा पंचायत में रविवार को हुई इस घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले की रिपोर्ट ले रहे हैं। आने वाले समय में विभाग की ओर से हमले, घायलों, बरामदगी और आरोपियों के संबंध में विस्तृत जानकारी जारी की जा सकती है। फिलहाल उपलब्ध सूचना के मुताबिक, छापेमारी के दौरान हुए हमले में उत्पाद विभाग के करीब छह कर्मचारी घायल हुए हैं और हमलावरों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।