पटना। बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के आरक्षण का मानक जल्द तय किया जाएगा। पंचायती राज विभाग की विशेषज्ञ टीम इस संबंध में गाइडलाइन का ड्राफ्ट तैयार कर रही है। इसे एक महीने के भीतर अत्यंत पिछड़ा वर्ग आयोग को भेजे जाने की तैयारी है। इसी गाइडलाइन के आधार पर आयोग पंचायतों में ईबीसी की सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति का अध्ययन कर आरक्षण के प्रतिशत को लेकर सरकार से अनुशंसा करेगा।
पंचायत चुनाव में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लिए कुल आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। बिहार राज्य निर्वाचन आयोग की जानकारी के अनुसार एससी और एसटी को उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण दिया जाता है। इसके बाद बची सीमा में पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण का प्रावधान है। मौजूदा कानूनी व्यवस्था में पिछड़े वर्गों के लिए कुल पदों के अधिकतम 20 प्रतिशत तक आरक्षण का प्रावधान बताया गया है।
इस बार ईबीसी आरक्षण के निर्धारण की प्रक्रिया में पंचायतवार स्थिति महत्वपूर्ण होगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राज्य स्तर पर एक समान प्रतिशत निर्धारित करने के बजाय पंचायत को आधार इकाई बनाकर अत्यंत पिछड़ा वर्ग की स्थिति का आकलन किया जाएगा। इसके बाद संबंधित आंकड़ों के आधार पर आयोग अपनी अनुशंसा तैयार करेगा।
पिछले दिनों अत्यंत पिछड़ा वर्ग आयोग ने पंचायती राज विभाग को पत्र भेजकर आरक्षण निर्धारण के लिए आवश्यक गाइडलाइन उपलब्ध कराने को कहा था। इसी पत्र के आधार पर विभाग ने ड्राफ्ट तैयार किया है। विशेषज्ञों की टीम विभिन्न मानकों को अंतिम रूप देने में जुटी है। विभाग की ओर से गाइडलाइन मिलने के बाद आयोग अध्ययन और आकलन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा।
प्रस्तावित गाइडलाइन में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किए जाने की बात सामने आई है। इनमें पंचायतवार अत्यंत पिछड़ा वर्ग की आबादी, ईबीसी परिवारों की आर्थिक स्थिति, सामाजिक एवं शैक्षणिक स्थिति तथा संसद, विधानसभा, नगर निकाय और पंचायतों में इस वर्ग के मौजूदा प्रतिनिधित्व का अध्ययन शामिल है। आरक्षण की कुल सीमा को 50 प्रतिशत के भीतर रखने का मानक भी महत्वपूर्ण रहेगा।
बिहार में अत्यंत पिछड़ा वर्ग में करीब 122 जातियां शामिल बताई जाती हैं। इनमें कहार, कुम्हार, धानुक, लोहार, तेली, मल्लाह, कानू और नाई सहित विभिन्न समुदाय शामिल हैं। आयोग गाइडलाइन के आधार पर इन वर्गों की पंचायत स्तर पर स्थिति का अध्ययन करेगा। इसके बाद तैयार रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी।
पिछले पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था, जबकि एससी और एसटी के हिस्से को मिलाकर कुल आरक्षण 50 प्रतिशत की सीमा के भीतर रखा गया था। आगामी चुनाव के लिए आरक्षण तय करते समय भी संवैधानिक और कानूनी सीमा का पालन करना होगा। राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 में ग्राम पंचायत सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, प्रमुख, जिला परिषद सदस्य और अध्यक्ष सहित विभिन्न पदों के लिए एससी, एसटी और पिछड़े वर्ग को मिलाकर अधिकतम 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है।
नई प्रक्रिया में ईबीसी के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का आकलन भी महत्वपूर्ण होगा। यह देखा जाएगा कि पंचायतों के साथ नगर निकाय, विधानसभा और संसद में इस वर्ग का वर्तमान प्रतिनिधित्व किस स्तर पर है। इसके साथ सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन से संबंधित आंकड़ों को भी अध्ययन में शामिल किए जाने की तैयारी है।
आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया आगामी पंचायत चुनाव की तैयारियों का अहम हिस्सा है। राज्य निर्वाचन आयोग पहले ही पंचायत आम निर्वाचन 2026 के लिए आरक्षण निर्धारण के उद्देश्य से वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार पर प्रपत्र-1 का अंतिम प्रकाशन कर चुका है। आयोग की वेबसाइट के अनुसार यह अंतिम प्रकाशन 15 जून 2026 को किया गया था।
ईबीसी आरक्षण का नया मानक तय होने के बाद यह भी स्पष्ट होगा कि अलग-अलग पंचायतों में इस वर्ग के लिए कितनी सीटें आरक्षित की जाएंगी। चूंकि पंचायतवार आबादी और प्रतिनिधित्व की स्थिति अलग-अलग हो सकती है, इसलिए अंतिम आरक्षण व्यवस्था भी संबंधित आंकड़ों और निर्धारित प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
आरक्षण का मामला संभावित उम्मीदवारों के लिए भी महत्वपूर्ण है। नई व्यवस्था और आरक्षण चक्र के आधार पर मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, वार्ड सदस्य तथा ग्राम कचहरी से जुड़े विभिन्न पदों की स्थिति प्रभावित हो सकती है। हालांकि किस पंचायत में कौन-सा पद किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा, इसका अंतिम निर्धारण संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल पंचायती राज विभाग की विशेषज्ञ टीम की गाइडलाइन पर नजर है। एक महीने के भीतर इसे अत्यंत पिछड़ा वर्ग आयोग को भेजे जाने की तैयारी है। इसके बाद आयोग अध्ययन कर सरकार को अपनी अनुशंसा देगा और उसी के आधार पर ईबीसी आरक्षण से जुड़ी आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।