राजगीर-इस्लामपुर मार्ग पर अज्ञात हाइवा की चपेट में आई स्कूल प्राचार्या, हादसे में मौत
नालंदा। छबिलापुर थाना क्षेत्र में राजगीर-इस्लामपुर मुख्य मार्ग पर राइसपर के समीप मंगलवार सुबह हुए सड़क हादसे में 25 वर्षीय स्कूल प्राचार्या ममता कुमारी की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार अज्ञात हाइवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे।
मृतका की पहचान गया जिले के नीमचक बथानी थाना क्षेत्र के नवादापर गांव निवासी ममता कुमारी के रूप में हुई है। वह राइसपर स्थित सिटी पब्लिक स्कूल में प्राचार्या के पद पर कार्यरत थीं। ममता अपने पति और बच्चों के साथ विद्यालय परिसर में ही रहती थीं। उनके पति संजीत कुमार इसी विद्यालय के निदेशक हैं। हादसे की जानकारी मिलने के बाद विद्यालय परिवार और मृतका के परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह ममता कुमारी राजगीर-इस्लामपुर मुख्य मार्ग पर राइसपर के पास मौजूद थीं। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक अज्ञात हाइवा ने उन्हें चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी गंभीर थी कि उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और ममता उस समय पैदल थीं या किसी वाहन से जा रही थीं, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
घटना के बाद आसपास मौजूद लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। हादसे की सूचना छबिलापुर थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया पूरी की गई। पुलिस अज्ञात वाहन और उसके चालक की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
बताया जा रहा है कि हादसा करने वाला हाइवा घटनास्थल पर नहीं रुका। चालक वाहन लेकर फरार हो गया। वाहन का पंजीकरण नंबर और चालक की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस राजगीर-इस्लामपुर मार्ग तथा आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की सहायता ले सकती है। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
सड़क पर हाइवा और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही के बीच हुई इस दुर्घटना से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि मुख्य मार्ग पर तेज गति से चलने वाले भारी वाहनों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने इस मार्ग पर यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने और भारी वाहनों की गति नियंत्रित करने की मांग की है।
ममता कुमारी कम उम्र में ही विद्यालय की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। वह सिटी पब्लिक स्कूल में प्राचार्या के रूप में कार्यरत थीं, जबकि उनके पति संजीत कुमार विद्यालय के निदेशक हैं। दोनों अपने परिवार के साथ स्कूल परिसर में रहते थे। मंगलवार की सुबह हुए हादसे ने परिवार की जिंदगी पूरी तरह बदल दी। ममता की अचानक मौत से उनके पति, बच्चों और अन्य परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
विद्यालय की प्राचार्या की मौत की खबर मिलते ही शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों में भी शोक फैल गया। स्कूल से जुड़े लोग घटना पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और वहां काम करने वाले कर्मचारियों के लिए यह गहरा सदमा है। ममता विद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जुड़ी हुई थीं।
हादसे के बाद कुछ समय के लिए घटनास्थल के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। मुख्य मार्ग होने के कारण वहां से लगातार वाहन गुजर रहे थे। भीड़ और दुर्घटना के कारण यातायात भी प्रभावित होने की आशंका बनी रही। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और लोगों से सड़क पर अनावश्यक भीड़ नहीं लगाने की अपील की।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि फरार हाइवा चालक की जल्द पहचान कर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों, टोल प्लाजा और मार्ग से गुजरने वाले वाहनों के रिकॉर्ड की जांच की जानी चाहिए। इससे दुर्घटना में शामिल हाइवा तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती दुर्घटना करने वाले वाहन की पहचान करना है। हादसे के समय वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्य जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। यह भी पता लगाया जाना है कि वाहन किस दिशा से आ रहा था और घटना के बाद किस ओर गया। चालक ने वाहन रोकने के बजाय भागने का प्रयास क्यों किया, यह उसकी पहचान होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
ममता के पैतृक गांव नवादापर में भी घटना की सूचना मिलने के बाद शोक का माहौल है। परिजनों और परिचितों के लिए उनकी असमय मौत की खबर किसी सदमे से कम नहीं है। महज 25 वर्ष की उम्र में हुए इस हादसे ने उनके परिवार से पत्नी, मां और बेटी को छीन लिया। परिवार के सामने अब बच्चों की देखभाल और इस आकस्मिक दुख से उबरने की बड़ी चुनौती है।
इस घटना ने एक बार फिर मुख्य मार्गों पर तेज रफ्तार और भारी वाहनों की निगरानी की आवश्यकता को सामने रखा है। स्कूल और आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास संकेतक, गति सीमा और नियमित निगरानी को प्रभावी बनाने की मांग की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति हो सकती है।
फिलहाल छबिलापुर थाना पुलिस घटना की जांच में जुटी है। हाइवा और उसके चालक की पहचान की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। हादसे का पूरा घटनाक्रम, वाहन की गति और दुर्घटना के वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे। पुलिस की ओर से विस्तृत बयान और आगे की कानूनी कार्रवाई की जानकारी का इंतजार है।