भागलपुर में ड्रग नेटवर्क का खुलासा 3 आरोपी ट्रांजिट रिमांड पर
ड्रग सिंडिकेट का बड़ा खुलासा
भागलपुर: केरल से जुड़े कथित ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को बिहार के भागलपुर से पकड़े जाने का मामला सामने आया है। केरल से पहुंची पुलिस टीम ने तीनों आरोपियों को स्थानीय स्तर पर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अदालत में पेश किया। कोर्ट से 144 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद टीम आरोपियों को अपने साथ केरल ले गई, जहां उनसे ड्रग नेटवर्क से जुड़े मामले में पूछताछ की जाएगी।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक केरल में दर्ज मादक पदार्थों से जुड़े एक मामले की जांच के दौरान भागलपुर के कुछ लोगों के नाम सामने आए थे। इसके बाद केरल पुलिस आरोपियों की तलाश करते हुए बिहार पहुंची। स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने के बाद तीन संदिग्धों को पकड़ा गया।
बताया जा रहा है कि तीनों आरोपियों पर एक बड़े ड्रग नेटवर्क से जुड़े होने का संदेह है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि इस कथित नेटवर्क का संचालन किस तरह किया जा रहा था और बिहार से इसका क्या कनेक्शन है। मादक पदार्थों की खरीद, सप्लाई और पैसों के लेन-देन से जुड़ी कड़ियों की भी पड़ताल किए जाने की संभावना है। गिरफ्तारी के बाद तीनों को सीधे दूसरे राज्य ले जाने के बजाय निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत संबंधित अदालत में पेश किया गया। केरल पुलिस ने आरोपियों को अपने राज्य ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड की मांग की। अदालत से 144 घंटे यानी छह दिन की ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद आरोपियों को केरल ले जाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
ट्रांजिट रिमांड का उद्देश्य दूसरे राज्य में गिरफ्तार व्यक्ति को उस क्षेत्र की संबंधित अदालत या जांच एजेंसी तक कानूनी रूप से पहुंचाने के लिए समय उपलब्ध कराना होता है। यह अवधि अपने आप में आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित नहीं करती।
केरल पहुंचने के बाद तीनों से पूछताछ के जरिए कथित सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की पहचान, मादक पदार्थों की सप्लाई का रास्ता और आर्थिक लेन-देन से संबंधित जानकारी जुटाई जा सकती है। उनके मोबाइल फोन, बैंकिंग लेन-देन और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड भी जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
मामले में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि गिरफ्तार किए गए तीनों व्यक्ति फिलहाल आरोपी हैं। उन्हें ‘ड्रग तस्कर’ के रूप में दोषी घोषित करना अदालत का फैसला आने से पहले उचित नहीं होगा। कथित ड्रग सिंडिकेट में उनकी वास्तविक भूमिका जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल भागलपुर से तीन आरोपियों को 144 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर केरल ले जाए जाने के बाद जांच का फोकस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने पर है। पूछताछ के बाद इस कथित अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को लेकर और जानकारी सामने आ सकती है।