- Home
- /
- राज्य
- /
- जम्मू और कश्मीर
- /
- राजौरी में लश्कर के 3...

x
3 गिरफ्तार विस्फोटक बरामद
राजौरी: जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सुरक्षा बलों ने आतंकी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक तीनों पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकियों की मदद करने का आरोप है। दावा है कि आरोपी आतंकियों के लिए गाइड का काम करते थे और उन्हें इलाके में आने-जाने के रास्तों की जानकारी उपलब्ध कराते थे। कार्रवाई के दौरान एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस यानी IED बरामद किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों को राजौरी क्षेत्र में आतंकियों की मदद करने वाले नेटवर्क के सक्रिय होने की सूचना मिली थी। इसके बाद संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई और तीन आरोपियों को पकड़ा गया। अधिकारियों का आरोप है कि ये लोग आतंकियों को स्थानीय स्तर पर सहायता उपलब्ध कराने में शामिल थे।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपियों का लश्कर-ए-तैयबा से कथित संपर्क कब और कैसे स्थापित हुआ। इसके अलावा वे किन आतंकियों के संपर्क में थे और अब तक कितनी बार उन्हें मदद उपलब्ध कराई गई, इन पहलुओं की भी जांच की जा रही है। आरोपियों पर आतंकियों के लिए गाइड की भूमिका निभाने का भी आरोप है। राजौरी और आसपास का इलाका पहाड़ी और घने जंगलों वाला है। ऐसे क्षेत्रों में स्थानीय रास्तों की जानकारी आतंकियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। आरोप है कि गिरफ्तार किए गए लोग आतंकियों को सुरक्षित रास्तों और क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों की जानकारी देते थे।
कार्रवाई के दौरान IED बरामद होने का दावा मामले को और गंभीर बनाता है। बरामद विस्फोटक उपकरण को सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत कब्जे में लिया गया है। यह IED कहां इस्तेमाल किया जाना था और इसे आरोपियों तक किसने पहुंचाया, इसकी जांच की जा रही है। इसकी तकनीकी जांच से भी नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है। सुरक्षा एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य संभावित डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर सकती हैं। इनके जरिए संपर्कों और कथित नेटवर्क से जुड़ी जानकारी सामने आ सकती है। जांच का दायरा यह पता लगाने तक भी बढ़ सकता है कि इस नेटवर्क में अन्य लोग शामिल हैं या नहीं।
हालांकि तीनों गिरफ्तार व्यक्तियों को लश्कर-ए-तैयबा का दोषी सहयोगी कहना न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा। फिलहाल उन पर आतंकी संगठन की सहायता करने के आरोप हैं और इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच तथा अदालत में पेश साक्ष्यों के आधार पर होगी।
राजौरी में हुई इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही हैं। IED की बरामदगी और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे और खुलासे होने की संभावना है।
Next Story





