पटना। बिहार में दारोगा भर्ती परीक्षा में कथित धांधली के आरोपों की जांच तेज हो गई है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की ओर से पूछे गए सवालों के जवाब और संबंधित दस्तावेज जांच एजेंसी को सौंपे हैं। इनमें पूर्णिया और गया के परीक्षा केंद्रों पर सामने आई कथित गड़बड़ियों के संबंध में आयोग के स्तर पर की गई कार्रवाई की जानकारी के साथ सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध कराया गया है। हालांकि मीडिया रिपोर्टों में ईओयू सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि आयोग की रिपोर्ट में कुछ सवालों के जवाब पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं।

दारोगा भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए ईओयू ने विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है। एसआईटी परीक्षा से जुड़े आरोपों, परीक्षा केंद्रों पर हुई घटनाओं और परीक्षा संचालन की प्रक्रिया की जांच कर रही है। जांच के दौरान आयोग से दस्तावेज और अन्य जानकारियां मांगी गई थीं, जिनके आधार पर आगे की जांच की जा रही है।

एसआईटी ने तीन सितंबर को बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग को पत्र भेजकर पूर्णिया और गया के संबंधित परीक्षा केंद्रों पर सामने आई गड़बड़ियों के बारे में कई जानकारियां मांगी थीं। इसमें परीक्षा के संचालन, केंद्रों पर मौजूद कर्मचारियों और आयोग के स्तर से घटना के बाद उठाए गए कदमों से जुड़ी जानकारी शामिल बताई गई है।

इसके जवाब में बीपीएसएससी ने ईओयू को अपनी रिपोर्ट भेजी है। आयोग की ओर से संबंधित परीक्षा केंद्रों के सीसीटीवी फुटेज भी जांच एजेंसी को उपलब्ध कराए गए हैं। इन फुटेज की जांच से यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि परीक्षा के दौरान केंद्रों पर वास्तव में क्या हुआ था और लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए कोई दृश्य साक्ष्य उपलब्ध है या नहीं।

मंगलवार को भी ईओयू की ओर से बीपीएसएससी को दो पत्र भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें कुछ और बिंदुओं पर जवाब और स्पष्टीकरण मांगा गया है। इससे संकेत मिलता है कि एसआईटी आयोग की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी को अन्य साक्ष्यों के साथ मिलाकर जांच आगे बढ़ा रही है।

रिपोर्टों के मुताबिक, आयोग से मिले जवाब में कई बिंदुओं पर जांच एजेंसी को पूरी तरह स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। इसी कारण कुछ प्रश्नों पर अतिरिक्त जानकारी मांगी गई है। हालांकि ईओयू या बीपीएसएससी की ओर से सभी प्रश्नों और उनके जवाबों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराया गया है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

पूर्णिया और गया के परीक्षा केंद्र जांच के प्रमुख बिंदुओं में शामिल हैं। एसआईटी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वहां सामने आई कथित गड़बड़ियां किस स्तर की थीं और परीक्षा की निष्पक्षता पर उनका क्या प्रभाव पड़ा। इसके अलावा केंद्र स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।

सीसीटीवी फुटेज इस जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकते हैं। परीक्षा केंद्रों के कैमरों में रिकॉर्ड गतिविधियों के जरिए अभ्यर्थियों की आवाजाही, परीक्षा कक्षों की स्थिति और केंद्र पर तैनात कर्मचारियों की गतिविधियों से संबंधित तथ्य सामने आ सकते हैं। एसआईटी इन फुटेज को शिकायतों और उपलब्ध अन्य दस्तावेजों के साथ मिलाकर देख सकती है।

दारोगा भर्ती जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर उठे किसी भी सवाल का समाधान जांच के जरिए होना महत्वपूर्ण है। अभ्यर्थियों की ओर से लगाए गए आरोपों और परीक्षा एजेंसी के जवाबों की सत्यता का निर्धारण उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकेगा।

बीपीएसएससी बिहार पुलिस में दारोगा सहित विभिन्न पदों की भर्ती प्रक्रिया आयोजित करता है। भर्ती परीक्षाओं के संचालन से लेकर परिणाम और चयन प्रक्रिया तक आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यही कारण है कि कथित अनियमितता से जुड़े आरोप सामने आने के बाद जांच एजेंसी आयोग से परीक्षा संचालन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी मांग रही है।

एसआईटी की जांच में परीक्षा केंद्रों से जुड़े दस्तावेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और संबंधित अधिकारियों के जवाब अहम हो सकते हैं। जरूरत पड़ने पर परीक्षा केंद्रों से जुड़े कर्मचारियों, अधिकारियों या अन्य संबंधित लोगों से भी जानकारी ली जा सकती है। हालांकि जांच के अगले चरणों के संबंध में आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि फिलहाल आरोपों की जांच चल रही है। कथित धांधली को स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। एसआईटी की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि परीक्षा में किस स्तर पर अनियमितता हुई या आरोपों में कितनी सच्चाई है।

ईओयू द्वारा मंगलवार को भेजे गए नए पत्रों के जवाब मिलने के बाद जांच और आगे बढ़ सकती है। आयोग की रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद एसआईटी अपनी जांच के अगले कदम तय करेगी। दारोगा भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों की नजर भी इस जांच पर बनी हुई है।