बिहार में जलापूर्ति को बड़ा बूस्ट दानापुर के लिए 93.56 करोड़ की योजना मंजूर
जलापूर्ति योजना को मंजूरी
पटना: बिहार के दानापुर में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना के तहत दानापुर में करीब 93.56 करोड़ रुपये की जलापूर्ति योजना को मंजूरी मिली है। योजना पूरी होने के बाद क्षेत्र के हजारों परिवारों को पाइपलाइन के जरिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। परियोजना से करीब 5,877 घरों को सीधे फायदा मिलने की बात कही गई है।
दानापुर तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों में शामिल है। बढ़ती आबादी और नए आवासीय इलाकों के विस्तार के साथ यहां पेयजल की मांग भी बढ़ी है। कई क्षेत्रों में लोगों को पानी की उपलब्धता और आपूर्ति से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नई परियोजना का उद्देश्य इसी समस्या का दीर्घकालिक समाधान तैयार करना है।
यह परियोजना AMRUT 2.0 यानी Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation 2.0 के तहत तैयार की गई है। इस मिशन का प्रमुख उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में हर घर तक सुरक्षित और भरोसेमंद पेयजल पहुंचाने के साथ जलापूर्ति के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
दानापुर की योजना के तहत नई पाइपलाइन बिछाने, पानी के भंडारण और वितरण से संबंधित बुनियादी ढांचे को विकसित करने जैसे काम किए जाएंगे। परियोजना पूरी होने के बाद हजारों घरों में नल के जरिए नियमित पानी पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।
सबसे ज्यादा फायदा उन परिवारों को मिलने की उम्मीद है, जिन्हें अभी पेयजल के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है। गर्मी के दिनों में पानी की मांग बढ़ने पर समस्या और गंभीर हो जाती है। ऐसे में व्यवस्थित पाइपलाइन नेटवर्क स्थानीय लोगों को बड़ी राहत दे सकता है।
परियोजना से दानापुर के 5,877 घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। घरों को जलापूर्ति नेटवर्क से जोड़ने से टैंकर और दूसरे अस्थायी जल स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
योजना के क्रियान्वयन से जुड़ा टेंडर बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BUIDCO) से संबंधित है। मौजूदा टेंडर सूचनाओं में भी दानापुर वाटर सप्लाई स्कीम को AMRUT 2.0 के तहत सूचीबद्ध किया गया है।
बेहतर पेयजल व्यवस्था का सीधा संबंध सार्वजनिक स्वास्थ्य से भी है। पाइपलाइन के जरिए सुरक्षित पानी की उपलब्धता बढ़ने पर लोगों को दूषित जल स्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसके साथ ही शहरी इलाकों में पानी की आपूर्ति को ज्यादा व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।
दानापुर में तेजी से बढ़ती आबादी को देखते हुए जलापूर्ति जैसे बुनियादी ढांचे पर निवेश अहम माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में शहर के विस्तार के साथ पानी की मांग और बढ़ सकती है। ऐसे में नई परियोजना मौजूदा जरूरतों के साथ भविष्य की मांग को पूरा करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
फिलहाल परियोजना को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इसके पूरा होने के बाद दानापुर के हजारों परिवारों को घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का रास्ता खुलेगा। ₹93.56 करोड़ की यह परियोजना दानापुर की शहरी जलापूर्ति व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है।