बांका। बिहार के बांका जिले के चांदन स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां दसवीं कक्षा की छात्रा मानको हेंब्रम ने सोमवार सुबह अपने कमरे में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतका मानको हेंब्रम दक्षिणी कस्बा वसीला पंचायत के पहाड़पुर गांव निवासी राम हेंब्रम की पुत्री थी। वह इंटरस्तरीय कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में रहकर पढ़ाई कर रही थी। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि छात्रा अपने माता-पिता से मिलने नहीं आने के कारण मानसिक रूप से परेशान थी। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब सात बजे विद्यालय में प्रार्थना सभा के बाद सभी छात्राएं अपने-अपने कमरों में चली गई थीं। मानको हेंब्रम अपनी चार सहेलियों के साथ दूसरी मंजिल के एक कमरे में रहती थी। प्रार्थना के बाद वह बाल्टी, कुर्सी और किताब लेकर यह कहकर दूसरे कमरे में चली गई कि वह वहां बैठकर पढ़ाई करेगी।
कुछ समय बाद उसकी सहेली उसे बुलाने पहुंची, लेकिन कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। कई बार आवाज देने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो छात्राओं ने अन्य लोगों की मदद से दरवाजा तोड़ दिया। कमरे के अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। मानको दुपट्टे के सहारे सीलिंग फैन से लटकी हुई मिली। इसके बाद विद्यालय प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलते ही चांदन थाना पुलिस, एफएसएल टीम और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और जरूरी साक्ष्य जुटाए। एफएसएल टीम ने भी कमरे से कई अहम सबूत एकत्र किए हैं। शुरुआती जांच में पुलिस को कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
मृतका की मां ने पुलिस को बताया कि रविवार को मानको ने अपने भाई से फोन पर बातचीत की थी। बातचीत के दौरान उसने कहा था कि अगर माता-पिता उससे मिलने नहीं आए तो सोमवार को वह उसका जिंदा चेहरा नहीं देख पाएंगे। किसी कारणवश परिवार के लोग विद्यालय नहीं पहुंच सके थे। पुलिस इस बातचीत को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है और छात्रा की मानसिक स्थिति समेत सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
पुलिस ने विद्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली है। फुटेज में छात्रा सुबह करीब साढ़े सात बजे बाल्टी, कुर्सी और किताब लेकर कमरे की ओर जाती हुई दिखाई दे रही है। करीब आठ बजे उसकी सहेलियों ने उसे कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया।
घटना के बाद थानाध्यक्ष श्रीकांत भारती, जिला शिक्षा पदाधिकारी दीप नारायण पंडित, डीपीओ मु. फारूक रहमान, जिला समन्वयक सुनीता कुमारी और विद्यालय संचालक प्रीति बाला ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
वहीं, विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया गया कि करीब 200 छात्राओं वाले इस आवासीय विद्यालय में नियमित रूप से केवल एक प्रतिनियुक्त शिक्षिका कार्यरत हैं। इससे विद्यालय संचालन और छात्राओं की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि छात्रा के परिवार, सहपाठियों और विद्यालय स्टाफ से पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। इस घटना ने एक बार फिर आवासीय विद्यालयों में छात्राओं की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।