Bihar : बैंकों के खराब प्रदर्शन पर उपमुख्यमंत्री सख्त, प्रधानमंत्री मोदी से शिकायत की चेतावनी
Bihar बिहार: बिहार में बैंकों के प्रदर्शन को लेकर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मंगलवार को राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की बैठक में बैंकों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि लोन वितरण में उदासीनता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद बैंकों के प्रदर्शन में सुधार नहीं हो रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह स्थिति किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है और यदि इसमें सुधार नहीं हुआ तो इसकी शिकायत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से की जाएगी।
बैठक को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने बैंकों द्वारा लोन देने में ढिलाई पर सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली का उद्देश्य विकास और रोजगार को बढ़ावा देना है, लेकिन वर्तमान में यह लक्ष्य प्रभावित हो रहा है।
आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार का क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेशियो मात्र 58.68 प्रतिशत रहा, जो अपेक्षित स्तर से काफी कम है। इसके अलावा वार्षिक साख लक्ष्य (Annual Credit Target) भी महज 84.71 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है।
उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन राज्य की आर्थिक प्रगति के लिए बाधा है और बैंकों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय सहयोग जरूरी है, लेकिन बैंकों की सुस्ती से योजनाओं के क्रियान्वयन पर असर पड़ रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बैंकिंग सेक्टर में सुधार लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और तय लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मामले में गंभीर है और किसी भी तरह की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि और सरकारी अधिकारी भी मौजूद थे, जहां प्रदर्शन सुधार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।