Bihar बिहार : केंद्र सरकार आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को मुख्यधारा में लाने के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही है। इन्हीं में से एक है प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई)। यह योजना उन लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है जिनके पास अपना घर नहीं है और वे पक्के घर के लिए तरस रहे हैं।
पीएमएवाई ने देश भर में लाखों लोगों के जीवन में व्यापक बदलाव लाया है। बिहार के वैशाली जिले के दो लोगों, अशोक पासवान और निरशी देवी ने आईएएनएस के साथ कच्चे घर में रहने के दौरान आने वाली कठिनाइयों और पक्के घर में आने के बाद जीवन की सहजता के अपने अनुभव साझा किए।
बिदुपुर (वैशाली) के दिलावरपुर गोवर्धन पंचायत के पीएमएवाई लाभार्थी अशोक पासवान ने बताया कि पहले घर झोपड़ी जैसा था, जिससे ज़्यादा दिक्कतें होती थीं और बच्चों को पढ़ाई में भी दिक्कत होती थी। उन्होंने कहा, "अब हमें पीएमएवाई का लाभ मिल गया है। कोई समस्या नहीं है। पहले बारिश के मौसम में झोपड़ी से पानी टपकता था। आवास योजना के तहत घर मिलने से हमें इस समस्या से निजात मिली है।" पीएमएवाई की एक अन्य लाभार्थी, निशी देवी ने बताया कि पहले कच्चा घर होने के कारण कई परेशानियाँ होती थीं।
उन्होंने कहा, "हमें हर मौसम में मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। झोपड़ी की वजह से बारिश के मौसम में पानी टपकता रहता था और आँधी-तूफ़ान में झोपड़ी के गिरने का डर हमेशा बना रहता था। पीएमएवाई का लाभ मिलने के बाद मेरा घर पक्का हो गया। अब हमारी परेशानियाँ दूर हो गई हैं। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी की बहुत आभारी हूँ।" गौरतलब है कि यह कहानी सिर्फ़ अशोक पासवान और निशी देवी की नहीं है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सैकड़ों-हज़ारों गरीब परिवारों को अपने पक्के घर मिल रहे हैं। ये घर उन लोगों को दिए जाते हैं जिनके पास अपना घर नहीं है।