बिहार: पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ की विशेष टीम ने मुजफ्फरपुर जिले में लूट के कई मामलों में वांछित अपराधी विशाल कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले सात साल से पुलिस की पकड़ से बाहर था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए उसे मुजफ्फरपुर नगर थाना क्षेत्र से दबोच लिया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी विशाल कुमार मूल रूप से मुजफ्फरपुर जिले के पानापुर करियात थाना क्षेत्र के भेड़ियाही सलोना गांव का रहने वाला है। उसके खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में लूट से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
एसटीएफ अधिकारियों को सूचना मिली थी कि विशाल कुमार मुजफ्फरपुर में किसी स्थान पर छिपा हुआ है। सूचना की पुष्टि के बाद विशेष टीम ने रणनीति बनाकर नगर थाना क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान टीम ने उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की, जिसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की बात सामने आई है।
जांच में पता चला है कि विशाल कुमार के खिलाफ मुजफ्फरपुर जिले के कांटी और पानापुर करियात थाना क्षेत्रों में लूट के तीन मामले दर्ज हैं। इनमें वर्ष 2019 का एक मामला भी शामिल है, जिसमें वह लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तारी के डर से वह लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था और अलग-अलग जगहों पर छिपकर रह रहा था।
एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी ने अपने संपर्क में रहे कुछ अन्य अपराधियों के बारे में भी जानकारी दी है। अब पुलिस उसकी निशानदेही पर संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
बिहार पुलिस लगातार संगठित अपराध और फरार अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत एसटीएफ की टीमें राज्य के अलग-अलग जिलों में सक्रिय अपराधियों की जानकारी जुटाकर कार्रवाई कर रही हैं। पुलिस का उद्देश्य लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों को पकड़कर कानून के शिकंजे में लाना है।
मुजफ्फरपुर में हुई इस गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है। अधिकारियों के मुताबिक, लूट जैसे गंभीर अपराधों में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी से जिले में अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी। पुलिस अब आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, उसके गिरोह से जुड़े लोगों और लूट की घटनाओं में उसकी भूमिका की गहन जांच कर रही है।
एसटीएफ की कार्रवाई के बाद अब स्थानीय पुलिस भी आरोपी से जुड़े मामलों की आगे की जांच करेगी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विशाल कुमार ने पिछले सात वर्षों के दौरान किन-किन स्थानों पर शरण ली और क्या वह किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।
अधिकारियों ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए तकनीकी निगरानी, गुप्त सूचना तंत्र और विशेष टीमों की मदद ली जा रही है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए ऐसे अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जाएगी।