जमुई। बिहार में मद्यनिषेध कानून को प्रभावी बनाने और सीमावर्ती राज्यों से हो रही शराब तस्करी पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खैरा थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस और एंटी लिकर टास्क फोर्स (ALTF) की संयुक्त टीम ने निमनवादा-पिपराटांड़ गांव के समीप रणनीतिक नाकेबंदी कर एक बोलेरो से 15 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की है। पुलिस ने वाहन को जब्त करने के साथ चालक को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक शराब की खेप पड़ोसी राज्य झारखंड के देवघर जिले के जसीडीह क्षेत्र से बिहार लाई जा रही थी। इसे जमुई के ग्रामीण इलाकों में खपाने की तैयारी थी। गिरफ्तार चालक की पहचान देवघर जिले के जसीडीह थाना क्षेत्र के अंधरीगदर गांव निवासी रोहित यादव के रूप में की गई है।

बताया गया कि सीमावर्ती क्षेत्रों से अवैध शराब की आवाजाही रोकने के लिए पुलिस की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है। इसी दौरान पुलिस को एक वाहन से शराब की खेप लाए जाने की जानकारी मिली।

सूचना के आधार पर खैरा थाना पुलिस और एंटी लिकर टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। निमनवादा-पिपराटांड़ गांव के आसपास नाकेबंदी की गई और आने-जाने वाले संदिग्ध वाहनों पर नजर रखी जाने लगी।

इसी दौरान पुलिस टीम को एक बोलेरो आती दिखाई दी। संदेह के आधार पर वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन से अंग्रेजी शराब की पेटियां मिलीं।

पुलिस ने वाहन में मौजूद शराब को कब्जे में लेकर गिनती की तो कुल 15 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई। इसके बाद बोलेरो को भी जब्त कर लिया गया।

वाहन चला रहे रोहित यादव को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर शराब की इस खेप से जुड़े पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शराब देवघर के जसीडीह क्षेत्र से लाई जा रही थी। इसे जमुई के ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जाना था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शराब किस व्यक्ति ने वाहन में रखवाई थी और जमुई पहुंचने के बाद इसकी डिलीवरी किसे दी जानी थी।

इस मामले में शराब की खेप के स्रोत से लेकर अंतिम ठिकाने तक की पूरी कड़ी की जांच की जा रही है। पुलिस गिरफ्तार चालक के संपर्कों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।

जमुई का इलाका झारखंड की सीमा के नजदीक होने के कारण शराब की अवैध आवाजाही रोकना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद सीमावर्ती इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाती है।

झारखंड से आने वाले विभिन्न मार्गों पर पुलिस और मद्यनिषेध से जुड़ी टीमों की ओर से वाहनों की जांच की जाती है। संदिग्ध वाहनों को रोककर तलाशी लेने के साथ तस्करी से जुड़े लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जाता है।

निमनवादा-पिपराटांड़ के समीप हुई कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा बताई गई है। पुलिस को सूचना मिलने के बाद टीम ने पहले से नाकेबंदी की, जिससे संदिग्ध बोलेरो को रोकने में सफलता मिली।

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि जब्त बोलेरो का मालिक कौन है और वाहन का इस्तेमाल पहले भी शराब की तस्करी में किया गया था या नहीं। वाहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच भी की जा सकती है।

इसके अलावा गिरफ्तार चालक के मोबाइल और अन्य संपर्कों से भी शराब तस्करी नेटवर्क के बारे में जानकारी मिलने की संभावना है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस खेप को जमुई में किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।

ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की खेप पहुंचाने के लिए तस्कर कई बार छोटे और सामान्य दिखने वाले वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। इससे मुख्य सड़कों और जांच चौकियों से बचकर अंदरूनी इलाकों तक पहुंचने की कोशिश की जाती है।

ऐसे में पुलिस की रणनीति केवल मुख्य मार्गों पर जांच तक सीमित नहीं रहती। ग्रामीण और संपर्क मार्गों पर भी संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी की जाती है।

खैरा थाना क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई में पुलिस और ALTF की संयुक्त टीम ने सूचना के आधार पर नाकेबंदी की और शराब से भरे वाहन को पकड़ लिया।

शराब की बरामदगी के बाद संबंधित कानून के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार चालक से पूछताछ के जरिए अन्य लोगों की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है।

पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि देवघर के जसीडीह से शराब की खेप भेजने वाला व्यक्ति कौन था और जमुई में इसे प्राप्त करने वाला कौन था। इन दोनों कड़ियों तक पहुंचने से तस्करी के नेटवर्क का बड़ा हिस्सा सामने आ सकता है।

शराब तस्करी के मामलों में केवल वाहन चालक की गिरफ्तारी से पूरे नेटवर्क का खुलासा नहीं होता। खेप उपलब्ध कराने वाले, वाहन की व्यवस्था करने वाले और स्थानीय स्तर पर शराब को खपाने वाले लोगों की भूमिका की पहचान करना भी महत्वपूर्ण होता है।

इसी कारण पुलिस गिरफ्तार चालक से मिली जानकारी के आधार पर आगे की जांच कर रही है। यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

सीमावर्ती क्षेत्रों में मद्यनिषेध कानून को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस और ALTF की संयुक्त कार्रवाई लगातार महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों टीमें सूचनाओं के आधार पर संदिग्ध वाहनों और संभावित मार्गों की निगरानी करती हैं।

निमनवादा-पिपराटांड़ गांव के समीप की गई नाकेबंदी में पकड़ी गई बोलेरो से 15 पेटी शराब मिलने के बाद यह साफ हुआ कि खेप को वाहन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी।

पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी पहले भी इस तरह शराब की खेप लेकर आया था या यह उसका पहला मामला था। इसके साथ ही शराब के संभावित खरीदारों और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

फिलहाल पुलिस ने बोलेरो और बरामद 15 पेटी अंग्रेजी शराब को जब्त कर लिया है। गिरफ्तार चालक रोहित यादव के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि सीमावर्ती इलाकों से शराब की तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान जारी रहेगा। संदिग्ध वाहनों की जांच और तस्करी से जुड़े नेटवर्क की पहचान के लिए निगरानी बढ़ाई जा रही है।

खैरा थाना पुलिस और ALTF की इस संयुक्त कार्रवाई में फिलहाल एक चालक को गिरफ्तार किया गया है। मामले में आगे की जांच के दौरान शराब तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।

Tags: