Yoga For Glowing Skin: ग्लोइंग स्किन के लिए बेहद कारगर हैं ये पांच योगासन, शादी से पहले लड़कियों को शुरू कर देने चाहिए

Update: 2025-07-27 06:55 GMT
Yoga For Glowing Skin: आज की बिगड़ी जीवनशैली और खानपान में लापरवाही के कारण अब तो 25 की उम्र के बाद ही चेहरे की रौनक कम होने लगती है। ऐसे में लड़के और लड़कियां ग्लोइंग स्किन पाने के लिए कई तरह के महंगे महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। पार्लर में फेशियल और मसाज में हजारों रुपये व्यय करते हैं।
इन तरीकों से चेहरे पर निखार तो आ जाता है, लेकिन यह खर्चीला होने के साथ ही अस्थाई होता है। यानी आपको चेहरे के निखार के लिए लगातार महंगे सौंदर्य उत्पाद और पार्लर पर व्यय करते रहना पड़ता है। हालांकि चेहरे की सुंदरता और निखार के लिए योग एक प्रभावी व स्थायी तरीका है। योगासन केवल त्वचा को स्वस्थ ही नहीं बनाता, बल्कि चेहरे की रंगत निखार के साथ ही फेस शेप का भी प्रभावी जरिया बन सकता है।
हालांकि इसके साथ ही आपको पौष्टिक खानपान और शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त पानी का सेवन करना चाहिए। जिन लड़कियों की इस साल नवंबर-दिसंबर में शादी है, उन्हें अभी से इन योगासनों का अभ्यास शुरू कर देना चाहिए। शादी की खुशी के साथ ही उनके चेहरे पर प्राकृतिक निखार आ जाएगा। वैसे आज से ही नियमित अभ्यास शुरू करने से अगले महीने आने वाले दीपावली के पर्व में भी चेहरे की सुंदरता बढ़ सकती है। यहां चेहरे का निखार बढ़ाने वाले प्रभावी योगासनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
सर्वांगासन:
सर्वांगासन को 'क्वीन आफ योग' भी कहा जाता है।इस आसन के अभ्यास से रक्त संचार को बढ़ावा मिलता है और चेहरे पर निखार आता है। इस आसन को करने के लिए पीठ के बल लेटकर पैरों को सीधा ऊपर ऊठाएं। शरीर को कंधों पर संतुलित करते हुए हाथों से कमर को सहारा दें। कुछ देर तक इस मुद्रा में रहें और फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ जाएं।
हलासन:
शरीर के तनाव को दूर करने में हलासन का अभ्यास फायदेमंद है। इस आसन के अभ्यास से त्वचा पर प्राकृतिक चमक आती है। पाचन तंत्र में सुधार होता है जो कि स्वस्थ त्वचा के लिए महत्वपूर्ण है। हलासन का अभ्यास करने के लिए पीठ के बल लेटकर पैरों को ऊपर ऊठाएं। धीरे-धीरे पैरों को सिर के पीछे ले जाते हुए जमीन पर टिकाने की कोशिश करें। इस मुद्रा में 30-40 सेकेंड तक रहें और फिर धीरे धीरे सामान्य स्थिति में आ जाएं।
भुजंगासन :
अधिकतर स्वास्थ्य समस्याओं और शरीर को बेहतर बनाने के लिए भुजंगासन का अभ्यास लगभग हर किसी को करना चाहिए। भुजंगासन का अभ्यास शरीर में रक्त प्रवाह को बढ़ाता है और त्वचा को ऑक्सीजन प्रदान करता है। भुजंगासन त्वचा की कोशिकाओं की मरम्मत करने और उसे प्राकृतिक चमक देने में सहायक है। इस आसन के अभ्यास के लिए पेट के बल लेटकर अपने हाथों को कंधों के नीचे रखें। धीरे- धीरे सिर और छाती को ऊपर उठाएं। इस मुद्रा में 20-30 सेकेंड स्थिर रहें और फिर सामान्य अवस्था में लौट आएं।
उज्जायी प्राणायाम :
उज्जयी प्राणायाम के अभ्यास से चेहरे पर झुर्रियां कम होती हैं और चेहरे की अतिरिक्त चर्बी कम होने के साथ ही त्वचा को टोन करता है। उज्जायी प्राणायाम चेहरे पर तनाव और चिंता को दूर करके त्वचा को ताजगी प्रदान करता है। इस प्राणायाम के अभ्यास के लिए गहरी सांस लें और धीरे धीरे छोड़ें। सांस छोड़ते समय गले से हल्की ध्वनि उत्पन्न करें। इस प्रक्रिया को 5-10 मिनट तक दोहराएं।
मत्स्यासन चेहरे की त्वचा में कसाव लाने और झुर्रियों को कम करने में मदद करता है। यह आसन थायरॉइड ग्रंथि को उत्तेजित करता है, जो शरीर में हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में सहायक होता है। इस आसन के अभ्यास के लिए पीठ के बल लेटकर हाथों को जांघों के नीचे रखें। सिर और छाती को ऊपर उठाते हुए सिर को पीछे की ओर मोड़ें और कुछ सेकेंड के लिए इस स्थिति में रहें।
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