Women's Day: शारीरिक तंदुरुस्ती के लिए यह जरूरी है। बौद्धिक विकास और आत्मविश्वास बढ़ाने में भी योग कारगर है। सही योगाभ्यास से लड़कियां पढ़ाई, खेलकूद और अन्य गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। यहां कुछ महत्वपूर्ण योग आसन और उनके फायदे बताए जा रहे हैं, जिन्हें किशोरियों को जरूर करना चाहिए।
बढ़ती उम्र के साथ शारीरिक और मानसिक विकास भी होता है। 13 से 19 साल की उम्र किशोरावस्था होती है। किशोरावस्था में शरीर और मन दोनों में बदलाव होते हैं। योग न सिर्फ शारीरिक विकास में मदद करता है, बल्कि मानसिक शांति भी देता है। ऐसे में किशोरावस्था में योग को दिनचर्या में शामिल कर बेहतर विकास को अपनाया जा सकता है। इस अवस्था में किशोरों के लिए योग काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। 13 से 21 साल की किशोरियों और युवतियों को रोजाना कम से कम 20-30 मिनट योग करना चाहिए।
ताड़ासन
ताड़ासन के अभ्यास से शरीर की लंबाई बढ़ सकती है। शरीर में संतुलन और स्थिरता प्रदान करने के लिए ये योग असरदार है। इस आसन का अभ्यास रक्त संचार को बेहतर बनाता है। ताड़ासन के अभ्यास के लिए सीधे खड़े होकर, होनों हाथ ऊपर उठाएं और शरीर को पूरी तरह से तानें।
भुजंगासन
पीठ और रीढ़ को मजबूत बनाने, पाचन तंत्र को बेहतर करने और मासिक धर्म में होने वाली ऐंठन को कम करने के लिए भुजंगासन का अभ्यास फायदेमंद होता है। इस आसन के अभ्यास के लिए पेट के बल लेटकर दोनों हाथों को कंधों के पास रखें और सिर व छाती को ऊपर उठाएं।
घुटनों के बल बैठकर आगे झुकें और माथा जमीन पर टिकाते हुए बालासन का अभ्यास करें। इस आसन के अभ्यास से मानसिक तनाव और चिंता कम होती है। पीठ दर्द से राहत मिलती है और ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है।
वृक्षासन
किशोरियों के लिए वृक्षासन का अभ्यास फायदेमंद है। इस आसन के अभ्यास से संतुलन और एकाग्रता बढ़ती है। पैरों की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं और शरीर में लचीलापन आता है। वृक्षासन के अभ्यास के लिए एक पैर पर खड़े होकर दूसरा पैर जांघ पर रखें और दोनों हाथ नमस्कार मुद्रा में जोड़ें।