एक सर्वे में भाग लेने वाले मुंबई और दिल्ली के अधिकतर लोगों ने दावा किया है कि उन्होंने अपने साथी की जानकारी के बिना उनके फोन की जांच की है. दिलचस्प बात यह है कि जहां प्रेम विवाह करने वालों में ऐसा करने वाले 62 प्रतिशत हैं, वहीं परिजनों की रजामंदी से विवाह करने वाले केवल 52 प्रतिशत लोगों ने ऐसा किया है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक शक करती हैं, क्योंकि पुरुषों की तुलना में अधिकतर महिलाओं ने अपने जीवनसाथी के फोन चेक किए हैं.


शादी का रिश्ता बहुत प्यारा और पवित्र होता है, चाहे वह लव मैरिज हो या अरेंज, दोनों में प्यार और विश्वास होना बेहद जरूरी है. अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि लव मैरिज और अरेंज मैरिज में से कौन सी ज्यादा अच्छी है. कुछ लोग यह धारणा बना लेते हैं कि लव मैरिज में व्यक्ति एक दूसरे के बारे में पहले से सब कुछ जानता है. ऐसे में आगे का जीवन बेहद बोरिंग हो जाता है, वहीं कुछ लोग यह भी धारणा बनाते हैं कि अरेंज मैरिज में एक दूसरे को नहीं जानते ऐसे में अगर भविष्य में उनके विचार नहीं मिले तो क्या होगा.

कभी-कभी यह देखा जाता है कि हद से ज्यादा जानना ही उनके रिश्ते के लिए जानलेवा बनता है. हालांकि, हम ऐसी बातों पर विश्वास नहीं करते हैं क्योंकि यह पूरी तरह से दो लोगों यानी पति-पत्नी पर ही डिपेंड होता है. फिर भी कभी आपने सोचा है कि ऐसे कौन से कारण होते हैं जिन्हें लेकर पार्टनर के मन में धोखे जैसी फीलिंग आती है या वह धोखे देने जैसी गलतियां कर देते हैं.

शादी से पहले और शादी के बाद का तुलना
जब हम प्यार में होते हैं तो उससे हसीन कुछ हमारी जिंदगी में नहीं होता. लेट नाइट पार्टी करना, देर तक बात करना, आए दिन डिनर डेट या किसी स्पेशल मौके पर एक-दूसरे को हद से ज्यादा इम्पोर्टेंस देना. हालांकि, शादी होते ही इनमें से कई चीजों के मायने बहुत हद तक बदल जाते हैं, जिनके कारण पति-पत्नी के बीच सबकुछ पहले जैसा नहीं रहता.

पसंद नापसंद अलग होना
पार्टनर का चुनाव करना पूरी तरह से हम पर निर्भर करता है कि हम एक-दूसरे में किन बातों को देखकर या सोचकर सामने वाले से शादी करने का मन बनाते हैं. जहां कुछ कपल्स रिलेशन की शुरूआत एक-दूसरे से विचार-विमर्श करके करना पसंद करते हैं तो कइयों के बीच यह स्थिति नहीं होती. वह गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड तो हैं लेकिन उनके बीच एक-दूसरे का राय लेने जैसा कुछ नहीं है. यही जब शादी के बाद भी चलता रहता है तो इससे कपल्स के बीच बहस जैसे मुद्दे शुरू हो जाते हैं.

एक-दूसरे को समय न देना
लव मैरिज टूटने का एक कारण यह भी है कि पार्टनर्स पहले से एक-दूसरे की पसंद-नापसंद, अच्छा-बुरा सबकुछ जानते हैं. जहां कुछ जीवनसाथी इस बात का फायदा उठाकर अपने जीवन में रोमांस भरने का कोई मौका नहीं छोड़ते, तो वहीं कुछ लोग इस आदत से बहुत जल्दी बोर हो जाते हैं. यह दो व्यक्तियों के स्वभाव पर निर्भर करता है.
Tags: