लाइफ स्टाइल : रोजाना एक सेब खाने से डॉक्टर दूर रहता है, यह अंग्रेजी कहावत काफी लोकप्रिय है। स्वस्थ रहने से लेकर वजन कम करने तक लोगों को अक्सर डाइट में सेब शामिल करने की सलाह दी जाती है। हालांकि बाजार में सेब की कीमत आमतौर पर अधिक होने के कारण यह हर किसी के बजट में फिट नहीं बैठता। ऐसे लोगों के लिए आसानी से उपलब्ध और अपेक्षाकृत सस्ता अमरूद पौष्टिक विकल्प साबित हो सकता है।
भारतीय खाद्य संरचना तालिकाओं और मानक पोषण आंकड़ों के अनुसार सेब और अमरूद की न्यूट्रिशन वैल्यू में काफी अंतर है। दोनों ही फल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन विटामिन सी, फाइबर, प्रोटीन और पोटैशियम के मामले में अमरूद सेब से आगे दिखाई देता है। हालांकि इन आंकड़ों को समझते समय यह जानना जरूरी है कि तुलना प्रति 100 ग्राम फल के आधार पर की जा रही है, न कि अलग-अलग आकार के एक फल के आधार पर।
प्रति 100 ग्राम सेब में करीब 52 कैलोरी होती है, जबकि इतनी ही मात्रा में अमरूद लगभग 68 कैलोरी देता है। इस लिहाज से सेब में कैलोरी थोड़ी कम होती है। वजन कम करने वाले लोगों के लिए हालांकि केवल कैलोरी देखना पर्याप्त नहीं है। फल में मौजूद फाइबर, उसका पोषण मूल्य और दिनभर में ली जाने वाली कुल कैलोरी भी महत्वपूर्ण होती है। अमरूद में फाइबर अधिक होने के कारण इसे खाने के बाद पेट ज्यादा समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है।
प्रोटीन की बात करें तो 100 ग्राम सेब से करीब 0.3 ग्राम प्रोटीन मिलता है। इतनी ही मात्रा में अमरूद लगभग 2.6 ग्राम प्रोटीन उपलब्ध कराता है। फल प्रोटीन के मुख्य स्रोत नहीं माने जाते, फिर भी सेब की तुलना में अमरूद में इसकी मात्रा कई गुना अधिक होती है। शरीर की प्रोटीन जरूरत पूरी करने के लिए दाल, चना, दूध, पनीर, अंडे, सोयाबीन और दूसरे स्रोत भी भोजन में शामिल करने चाहिए।
दोनों फलों के बीच सबसे बड़ा अंतर विटामिन सी की मात्रा में दिखाई देता है। प्रति 100 ग्राम सेब में लगभग पांच मिलीग्राम विटामिन सी होता है, जबकि अमरूद में यह मात्रा करीब 220 से 228 मिलीग्राम तक हो सकती है। इसका अर्थ है कि अमरूद में सेब की तुलना में लगभग 45 से 50 गुना ज्यादा विटामिन सी हो सकता है। मूल दावे में इसे 200 गुना बताया गया है, लेकिन उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर यह सही अनुपात नहीं है।
विटामिन सी शरीर में एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता के सामान्य कामकाज, त्वचा में कोलेजन बनने और भोजन से आयरन के अवशोषण में मदद करता है। हालांकि किसी एक फल को खाने से बीमारी से पूरी सुरक्षा मिलने या प्रतिरोधक क्षमता अचानक बढ़ने का दावा नहीं किया जा सकता।
फाइबर के मामले में भी अमरूद आगे है। प्रति 100 ग्राम सेब में करीब 2.4 ग्राम फाइबर पाया जाता है, जबकि अमरूद से लगभग 5.4 ग्राम फाइबर मिल सकता है। फाइबर पाचन को बेहतर रखने, कब्ज से बचाव और पेट को अधिक समय तक भरा रखने में सहायक होता है। अमरूद को अच्छी तरह धोकर छिलके सहित खाने पर फाइबर मिल सकता है। भारतीय राष्ट्रीय पोषण संस्थान फलों को नियमित आहार में शामिल करने और खाने से पहले अच्छी तरह धोने की सलाह देता है।
पोटैशियम की तुलना करें तो 100 ग्राम सेब में करीब 107 मिलीग्राम और अमरूद में लगभग 417 मिलीग्राम पोटैशियम पाया जाता है। यह खनिज मांसपेशियों, नसों और शरीर में तरल संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है। किडनी रोग से पीड़ित लोगों को अधिक पोटैशियम वाले खाद्य पदार्थ लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
सेब और अमरूद में से किसी एक को श्रेष्ठ घोषित करने के बजाय मौसम, उपलब्धता और बजट के अनुसार दोनों को संतुलित आहार में शामिल किया जा सकता है। अलग-अलग रंगों और प्रकार के फल खाने से शरीर को विविध पोषक तत्व मिलते हैं। अमरूद सस्ता होने के साथ विटामिन सी और फाइबर का अच्छा स्रोत है, इसलिए इसे बेकार समझकर नजरअंदाज करना समझदारी नहीं होगी।