नियमित योग से उम्र बढ़ने के साथ जोड़ों की समस्याओं में मिल सकती है राहत
जोड़ों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
New Delhi नई दिल्ली : विश्व योग दिवस 2026 अब कुछ ही दिनों दूर है। इस वर्ष आयुष मंत्रालय ने योग दिवस का मुख्य विषय ‘हेल्दी एजिंग के लिए योग’ तय किया है। मंत्रालय का कहना है कि किसी भी उम्र में स्वस्थ शरीर और मानसिक संतुलन बेहतर जीवन के लिए जरूरी है। इसी उद्देश्य के तहत लोगों को ‘नी मूवमेंट’ योग अभ्यास अपनाने की सलाह दी गई है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार ‘नी मूवमेंट’ एक सरल योग अभ्यास है, जो घुटनों और कूल्हों के जोड़ों को मजबूत बनाने में मदद करता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत के कारण घुटनों का दर्द, अकड़न और जोड़ों की कमजोरी आम समस्या बन गई है। ऐसे में यह अभ्यास बेहद उपयोगी माना जा रहा है।
नी मूवमेंट अभ्यास से घुटनों की लचीलापन बढ़ती है और मांसपेशियां सक्रिय रहती हैं। इससे जोड़ों में प्राकृतिक चिकनाई बनी रहती है, जिससे दर्द और अकड़न में राहत मिलती है। यह व्यायाम शरीर के संतुलन को बेहतर करता है और रोजमर्रा के कार्य जैसे चलना, बैठना, उठना और सीढ़ियां चढ़ना आसान बनाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जोड़ों में दर्द अक्सर उनकी कमजोरी और कम उपयोग का परिणाम होता है। ऐसे में नी मूवमेंट जैसे आसान अभ्यास इन समस्याओं का प्राकृतिक समाधान प्रदान कर सकते हैं। इसे बिना किसी उपकरण के घर पर आसानी से किया जा सकता है।
मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि इस अभ्यास को धीरे-धीरे और सही तरीके से शुरू किया जाए। यदि किसी व्यक्ति को अभ्यास के दौरान तेज दर्द महसूस हो तो तुरंत योग विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। नियमित अभ्यास से शरीर की मुद्रा में सुधार होता है और संतुलन भी बेहतर बनता है।
आयुष मंत्रालय का मानना है कि योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि एक जीवनशैली है, जिसे अपनाकर लोग लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय रह सकते हैं।