Lifestyle, लाइफस्टाइल : त्योहारी सीजन में बढ़ता है मिलावट का खतरा, जानें मिल्क केक और मिठाइयों की शुद्धता की जांच के आसान तरीके
त्योहारों का मौसम आते ही बाजार में मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। खासकर दिवाली, भाई दूज और छठ पूजा जैसे अवसरों पर दुकानों पर मिल्क केक, बर्फी, लड्डू और कलाकंद जैसी मिठाइयों की भारी बिक्री होती है। लेकिन इसी बढ़ी हुई मांग का फायदा उठाकर कुछ व्यापारी मिलावटी और नकली मिठाइयां भी बाजार में उतार देते हैं।
इनमें सबसे ज्यादा मिल्क केक जैसे दूध से बनी मिठाइयों में मिलावट की संभावना होती है, क्योंकि यह जल्दी खराब होती है और इसमें लागत भी अधिक होती है।
ऐसे में जरूरी है कि आम जनता यह समझे कि कैसे मिठाई की शुद्धता की पहचान करें, ताकि वे स्वास्थ्य के साथ समझौता न करें।
मिल्क केक में होने वाली आम मिलावट
सिंथेटिक दूध:
कई बार असली दूध की जगह सिंथेटिक या डिटर्जेंट मिश्रित दूध का इस्तेमाल किया जाता है।
स्टार्च या मैदा:
मिठाई की मात्रा और वजन बढ़ाने के लिए इसमें मैदा या अरारोट मिलाया जा सकता है।
कृत्रिम मिठास और रंग:
नकली मिठास के लिए साइक्लेमेट जैसे रसायन और खाने योग्य रंग के बजाय कपड़े रंगने वाले रंगों का इस्तेमाल किया जाता है।
खोया की मिलावट:
सस्ते खोये में आलू, स्टार्च या सड़ा हुआ दूध मिलाया जा सकता है।
शुद्ध मिठाई की पहचान कैसे करें?
1. दूध या खोया की जांच करें
शुद्ध खोया में हल्की मिठास और प्राकृतिक सुगंध होती है।
एक छोटा सा टुकड़ा लेकर हथेली पर रगड़ें — यदि चिकनाहट के साथ सफेदी आ रही हो, तो इसमें स्टार्च मिला हो सकता है।
2. स्टार्च की जांच (आयोडीन टेस्ट)
मिठाई के एक छोटे टुकड़े को पानी में घोलें और उसमें कुछ बूंदें आयोडीन टिंचर डालें।
यदि रंग नीला या काला हो जाए, तो मिठाई में स्टार्च की मिलावट है।
3. रंग और गंध की पहचान
असली मिल्क केक का रंग हल्का भूरा होता है और उसमें जलते दूध की गंध आती है।
अगर रंग ज्यादा चटख या बेहद सफेद है, तो उसमें रंग या चमक बढ़ाने वाला रसायन मिलाया गया हो सकता है।
4. सिंथेटिक दूध की पहचान
एक गिलास पानी में थोड़ा दूध मिलाएं। अगर दूध एक समान नहीं घुलता, तैरता या नीचे बैठता है, तो वह मिलावटी हो सकता है।
5. टेक्सचर और स्वाद से भी पहचानें
असली मिल्क केक नरम, रेशेदार और दूधिया स्वाद वाला होता है।
अगर स्वाद में कड़वाहट, रासायनिक स्वाद या गले में जलन महसूस हो तो मिठाई नकली हो सकती है।
FSSAI के सुझाव और सतर्कता
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) भी आम लोगों को सजग रहने की सलाह देता है। FSSAI समय-समय पर खाद्य पदार्थों की जांच और फूड टेस्टिंग कैम्प लगाकर जनता को जागरूक करता है।
पैकेटबंद मिठाइयों पर FSSAI लाइसेंस नंबर, एक्सपायरी डेट और सामग्री की जानकारी अवश्य पढ़ें।
मिठाई खरीदते समय प्रतिष्ठित दुकान से ही खरीदें और बिल लेना न भूलें।
घर पर बनाएं तो सबसे सुरक्षित
त्योहारी सीजन में यदि आप मिलावटी मिठाइयों से बचना चाहते हैं तो घर पर मिठाई बनाना सबसे अच्छा विकल्प है। दूध, खोया और गुड़ से बनी पारंपरिक मिठाइयाँ न केवल स्वादिष्ट होती हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी सुरक्षित रहती हैं।
त्योहारों की मिठास तभी खास होती है जब उसमें स्वास्थ्य और विश्वास दोनों हों। मिल्क केक जैसी लोकप्रिय मिठाइयों में मिलावट से बचने के लिए आवश्यक है कि लोग जागरूक हों और शुद्धता की पहचान करना सीखें।
मिठाई खरीदी जाए, लेकिन समझदारी और सतर्कता के साथ। ताकि त्योहारों का स्वाद बना रहे — बिना किसी खतरे के।
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