Life Style : रोजाना बनने वाली बैंगन की सब्जी को नया स्वाद देना चाहते हैं तो दही वाले बैंगन तैयार कर सकते हैं। इसमें लंबे बैंगन को पहले हल्का सुनहरा पकाया जाता है और फिर मसालों वाली दही की ग्रेवी में मिलाया जाता है। बैंगन की नरम बनावट और दही का हल्का खट्टापन इस व्यंजन की खासियत है। इसे रोटी, पराठे या सादे चावल के साथ परोस सकते हैं। नीचे दी गई विधि घरेलू मसालों से तैयार होने वाला एक आसान संस्करण है। स्वाद के अनुसार मिर्च और ग्रेवी की मात्रा में बदलाव किया जा सकता है।
इस रेसिपी में दही को सही तरीके से पकाना सबसे जरूरी है। बहुत तेज आंच पर डालने से दही फट सकता है, जिससे ग्रेवी की बनावट प्रभावित होती है। इसलिए दही को पहले अच्छी तरह फेंटें और पकाते समय आंच धीमी रखें। बैंगन को अलग से पकाने पर उसकी बनावट बेहतर बनी रहती है। ग्रेवी में डालने के बाद उसे बहुत देर तक पकाने की जरूरत नहीं पड़ती। पूरी तैयारी शुरू करने से पहले सब्जी काटकर और मसाले निकालकर रख लें, ताकि दही डालते समय पकाने की प्रक्रिया बीच में रोकनी न पड़े।
लगभग तीन से चार लोगों के लिए चार मध्यम आकार के लंबे बैंगन, एक कप ताजा दही, एक मध्यम प्याज, एक छोटा चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट और तीन बड़े चम्मच तेल लें। मसालों के लिए आधा छोटा चम्मच जीरा, एक छोटा चम्मच धनिया पाउडर, आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, आधा छोटा चम्मच हल्दी और चौथाई छोटा चम्मच गरम मसाला रखें। इसके अलावा एक छोटा चम्मच बेसन, स्वादानुसार नमक, आधे से तीन-चौथाई कप पानी और थोड़ा बारीक कटा हरा धनिया चाहिए। चाहें तो एक हरी मिर्च भी डाल सकते हैं।
सबसे पहले बैंगन धोकर कपड़े से सुखा लें। डंठल हटाने के बाद उन्हें लंबाई में चार हिस्सों में काटें। अगर बैंगन बहुत बड़े हों तो इन टुकड़ों को बीच से काटकर छोटा कर सकते हैं। टुकड़े लगभग एक जैसे आकार के रखें, ताकि सभी समान रूप से पकें। कटे बैंगन पर थोड़ी हल्दी और हल्का नमक लगाएं। नमक की बाकी मात्रा ग्रेवी में डालनी है, इसलिए इस चरण में ज्यादा नमक न मिलाएं। प्याज को बारीक काट लें और हरे धनिये को धोकर अलग रख दें।
अब कड़ाही में दो बड़े चम्मच तेल गर्म करें। बैंगन के टुकड़े डालकर मध्यम आंच पर पकाएं। बीच-बीच में पलटते रहें, जिससे वे अलग-अलग तरफ से हल्के सुनहरे हो जाएं। आवश्यकता होने पर कुछ देर ढककर पकाएं, लेकिन बीच में उनकी स्थिति देखते रहें। बैंगन नरम हो जाएं और चाकू आसानी से अंदर जाने लगे तो उन्हें प्लेट में निकाल लें। टुकड़ों को पूरी तरह गलाना नहीं है, क्योंकि बाद में इन्हें ग्रेवी में भी पकाना होगा। पलटने के लिए चम्मच सावधानी से चलाएं।
एक बर्तन में दही डालकर अच्छी तरह फेंटें। उसमें बेसन मिलाएं और फिर दो से तीन बड़े चम्मच पानी डालकर मिश्रण चिकना कर लें। बेसन की गांठें नहीं रहनी चाहिए। बहुत ठंडा दही सीधे गर्म कड़ाही में न डालें; तैयारी के दौरान उसे कुछ देर बाहर रख सकते हैं। इस मिश्रण को अभी अलग रखें। बेसन ग्रेवी को थोड़ा गाढ़ापन देता है और दही को संभालकर पकाने में मदद करता है। हालांकि, इसके बावजूद धीमी आंच और लगातार चलाने का ध्यान रखना जरूरी रहेगा।
उसी कड़ाही में बचा हुआ एक बड़ा चम्मच तेल डालें। जीरा डालकर चटकने दें और फिर बारीक कटा प्याज मिलाएं। प्याज हल्का सुनहरा होने तक भूनें। इसके बाद अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर उसकी कच्ची महक खत्म होने तक पकाएं। धनिया पाउडर, लाल मिर्च और बची हुई हल्दी डालें। मसाले जलने से बचाने के लिए एक-दो बड़े चम्मच पानी मिलाएं और थोड़ी देर चलाते हुए पकाएं। हरी मिर्च इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसी समय डाल सकते हैं।
मसाले भुन जाने पर आंच एकदम धीमी कर दें। जरूरत हो तो कड़ाही को कुछ क्षण आंच से हटा लें। अब फेंटा हुआ दही थोड़ा-थोड़ा डालते जाएं और लगातार चलाते रहें। पूरा दही मिल जाने के बाद कड़ाही धीमी आंच पर रखें। मिश्रण गर्म होने और हल्का उबाल आने तक चलाएं। बचा हुआ पानी धीरे-धीरे मिलाकर ग्रेवी की मनचाही बनावट तैयार करें। लगभग पांच से सात मिनट धीमी आंच पर पकाएं, ताकि बेसन और मसाले अच्छी तरह पक जाएं।
अब पहले से पकाए हुए बैंगन ग्रेवी में डालें। स्वादानुसार नमक मिलाएं और हल्के हाथ से चलाएं। कड़ाही ढककर धीमी आंच पर लगभग चार से पांच मिनट पकने दें। बीच में देखें कि ग्रेवी तले में चिपक तो नहीं रही। जरूरत लगे तो थोड़ा गर्म पानी डालें। आखिर में गरम मसाला और हरा धनिया मिलाकर आंच बंद कर दें। सब्जी को दो मिनट ढककर रखें और फिर परोसें।
बेहतर स्वाद के लिए ताजा, बहुत अधिक खट्टा न हुआ दही चुनें। ग्रेवी पतली हो तो कुछ देर खुला पकाएं और ज्यादा गाढ़ी हो तो थोड़ा गर्म पानी मिलाएं। बैंगन डालने के बाद जोर से चलाने से टुकड़े टूट सकते हैं। प्याज-लहसुन नहीं खाते हैं तो उन्हें छोड़कर जीरे, अदरक और बाकी मसालों से ग्रेवी बना सकते हैं। तैयार दही वाले बैंगन गर्म रोटी या चावल के साथ परोसें।