दूध नहीं पचता तो भी मिलेगा भरपूर कैल्शियम ये ड्रिंक्स रखेंगे हड्डियां मजबूत
कैल्शियम की कमी
लाइफस्टाइल: दूध को कैल्शियम का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है, लेकिन कई लोगों को दूध पीने के बाद पेट में गैस, भारीपन या पाचन संबंधी परेशानी होने लगती है। ऐसे लोगों के लिए कैल्शियम की जरूरत पूरी करने के कई दूसरे विकल्प मौजूद हैं। शरीर में कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा हड्डियों की मजबूती, दांतों की सेहत और मांसपेशियों के बेहतर कामकाज के लिए जरूरी होती है।
अगर दूध पचने में दिक्कत होती है तो कुछ खास ड्रिंक्स को डाइट में शामिल किया जा सकता है, जो कैल्शियम और अन्य पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने में मदद कर सकते हैं।
1. सोया मिल्क
सोया मिल्क दूध का एक अच्छा विकल्प माना जाता है। इसमें प्रोटीन के साथ कैल्शियम भी पाया जाता है। बाजार में मिलने वाले फोर्टिफाइड सोया मिल्क में अतिरिक्त कैल्शियम और विटामिन डी मिलाया जाता है, जिससे हड्डियों को फायदा मिल सकता है।
2. बादाम मिल्क
बादाम से तैयार ड्रिंक में कैल्शियम, विटामिन ई और हेल्दी फैट पाए जाते हैं। अगर इसमें कैल्शियम फोर्टिफिकेशन किया गया हो तो यह दूध का अच्छा विकल्प बन सकता है।
3. रागी का ड्रिंक
रागी को कैल्शियम से भरपूर अनाज माना जाता है। रागी का माल्ट या ड्रिंक बनाकर सेवन करने से शरीर को कैल्शियम के साथ फाइबर भी मिलता है। यह हड्डियों की मजबूती के लिए फायदेमंद हो सकता है।
4. तिल का शेक
तिल में कैल्शियम और कई खनिज पाए जाते हैं। तिल को दूध के बिना भी शेक के रूप में लिया जा सकता है। यह खासकर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है जो डेयरी उत्पाद कम लेते हैं।
5. दही या योगर्ट स्मूदी
जिन लोगों को दूध से परेशानी होती है, वे कई बार दही या योगर्ट को आसानी से पचा लेते हैं। इसमें कैल्शियम और प्रोटीन दोनों मिलते हैं, जो हड्डियों के स्वास्थ्य में मदद करते हैं।
6. कैल्शियम फोर्टिफाइड जूस
कुछ फोर्टिफाइड जूस में कैल्शियम और विटामिन डी मिलाया जाता है। यह भी कैल्शियम की जरूरत पूरी करने का एक विकल्प हो सकता है।
हड्डियों के लिए सिर्फ कैल्शियम ही नहीं जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार मजबूत हड्डियों के लिए कैल्शियम के साथ विटामिन डी, प्रोटीन और नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है। केवल एक ही ड्रिंक पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित आहार लेना बेहतर होता है।
अगर दूध पीने से लगातार पेट दर्द, गैस या दस्त जैसी समस्या होती है तो यह लैक्टोज असहिष्णुता का संकेत हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर या डाइट विशेषज्ञ से सलाह लेकर सही विकल्प चुनना बेहतर रहता है।