किन लोगों को नहीं खाने चाहिए चिया सीड्स जानें जरूरी बातें
चिया सीड्स हर किसी के लिए नहीं फायदेमंद
लाइफस्टाइल : चिया सीड्स को आजकल 'सुपरफूड' के रूप में काफी पसंद किया जाता है। छोटे-छोटे काले और सफेद बीज फाइबर, प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड और कई जरूरी पोषक तत्वों के स्रोत हैं। इन्हें पानी, दूध, दही, स्मूदी या ओट्स में मिलाकर खाया जाता है। संतुलित मात्रा में चिया सीड्स ज्यादातर स्वस्थ लोगों के आहार का हिस्सा बन सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि ये हर व्यक्ति के लिए समान रूप से फायदेमंद हैं। कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में इन्हें ज्यादा मात्रा में खाना परेशानी बढ़ा सकता है।
चिया सीड्स में फाइबर की मात्रा काफी अधिक होती है। करीब 28 ग्राम यानी लगभग दो बड़े चम्मच चिया सीड्स में लगभग 10 ग्राम फाइबर मिल सकता है। यही कारण है कि इन्हें पाचन और पेट भरा महसूस कराने के लिए उपयोग किया जाता है। हालांकि अचानक बहुत ज्यादा चिया सीड्स खाने से गैस, पेट फूलना, पेट में ऐंठन या कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर उन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए जिनका पाचन तंत्र पहले से संवेदनशील है।
निगलने में परेशानी वाले लोग रहें सावधान
सूखे चिया सीड्स अपने वजन से कई गुना अधिक पानी सोख सकते हैं और तरल के संपर्क में आने पर तेजी से फूल जाते हैं। इसलिए जिन्हें निगलने में कठिनाई यानी डिस्फेजिया की समस्या है, उन्हें सूखे चिया सीड्स सीधे खाने से बचना चाहिए। इन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी या अन्य तरल में भिगोकर लेना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। सूखे बीज खाने के तुरंत बाद पानी पीना भी कुछ लोगों में परेशानी पैदा कर सकता है।
लो ब्लड प्रेशर वालों को चाहिए सावधानी
चिया सीड्स संतुलित आहार के हिस्से के रूप में रक्तचाप पर हल्का प्रभाव डाल सकते हैं। जिन लोगों का ब्लड प्रेशर पहले से कम रहता है या जो हाई ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने की दवा लेते हैं, उन्हें नियमित रूप से बड़ी मात्रा में चिया सीड्स लेने से पहले डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह करनी चाहिए। भोजन और दवाओं का संयुक्त असर कुछ लोगों में रक्तचाप जरूरत से ज्यादा कम कर सकता है।
डायबिटीज की दवा लेने वाले रखें ध्यान
चिया सीड्स में मौजूद फाइबर भोजन के पाचन और कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण की गति को प्रभावित कर सकता है। इससे भोजन के बाद ब्लड शुगर के स्तर पर असर पड़ सकता है। डायबिटीज की दवा या इंसुलिन लेने वाले व्यक्ति अगर अचानक अपने आहार में बड़ी मात्रा में चिया सीड्स शामिल करते हैं तो ब्लड शुगर की नियमित निगरानी उपयोगी हो सकती है। दवाओं में कोई बदलाव डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए।
खून पतला करने वाली दवा लेने वाले
चिया सीड्स में अल्फा-लिनोलेनिक एसिड यानी ALA नाम का पौधों से मिलने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। सामान्य भोजन की मात्रा में चिया सीड्स अधिकतर लोगों के लिए सुरक्षित माने जाते हैं। फिर भी जो लोग ब्लड क्लॉटिंग से जुड़ी समस्या से जूझ रहे हैं या खून पतला करने वाली दवाएं लेते हैं, उन्हें बड़ी मात्रा या सप्लीमेंट के रूप में इसका सेवन शुरू करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
एलर्जी भी हो सकती है
चिया सीड्स से एलर्जी दुर्लभ है, लेकिन संभव है। इसे खाने के बाद खुजली, त्वचा पर लाल चकत्ते, होंठ या जीभ में सूजन, उल्टी अथवा सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसका सेवन बंद करना चाहिए। सांस लेने में कठिनाई या चेहरे और गले में तेजी से सूजन गंभीर एलर्जिक प्रतिक्रिया के संकेत हो सकते हैं और ऐसी स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता जरूरी है।
पेट और आंतों की समस्या वाले लोग
इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम या ऐसी दूसरी पाचन समस्याओं वाले लोगों में अधिक फाइबर अचानक लेने से गैस और पेट फूलने की शिकायत बढ़ सकती है। ऐसे लोगों को बहुत कम मात्रा से शुरुआत करनी चाहिए और शरीर की प्रतिक्रिया देखनी चाहिए। पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है, क्योंकि अधिक फाइबर के साथ कम तरल लेने से कब्ज बढ़ सकता है।
कितनी मात्रा लेना बेहतर?
हर व्यक्ति के लिए चिया सीड्स की कोई एक अनिवार्य दैनिक मात्रा तय नहीं है। स्वस्थ वयस्क आम तौर पर एक से दो बड़े चम्मच को संतुलित आहार में शामिल करते हैं। पहली बार इस्तेमाल करने वाले कम मात्रा से शुरुआत कर सकते हैं। इन्हें पानी या दूध में अच्छी तरह भिगोकर खाना सुविधाजनक रहता है। चिया सीड्स पौष्टिक जरूर हैं, लेकिन इन्हें किसी बीमारी की दवा या चमत्कारी वजन घटाने वाला खाद्य पदार्थ समझना सही नहीं है। फायदा पूरे आहार, शारीरिक गतिविधि और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। अगर कोई नियमित दवा ले रहा है, निगलने में समस्या है या गंभीर पाचन संबंधी बीमारी है तो रोजाना चिया सीड्स लेने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन की सलाह लेना बेहतर है।