लाइफ स्टाइल : भारत में चाय सिर्फ एक पेय नहीं बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। सुबह नींद खुलने से लेकर शाम की थकान मिटाने तक एक कप गर्म चाय लोगों को तरोताजा कर देती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि चाय बनाते समय बर्तन में सबसे पहले दूध डालना चाहिए या पानी? देखने में यह मामूली बात लगती है, लेकिन चाय का स्वाद, रंग और खुशबू काफी हद तक इसे बनाने के तरीके पर निर्भर करते हैं।आमतौर पर भारतीय घरों में दूध वाली चाय बनाने के कई तरीके प्रचलित हैं। कोई सबसे पहले दूध डालता है तो कोई पानी उबालकर उसमें चायपत्ती डालता है। कुछ लोग पानी, दूध, चीनी और चायपत्ती सभी चीजें एक साथ डालकर उबाल देते हैं। लेकिन अगर आप चाय का स्वाद और चायपत्ती की खुशबू बेहतर तरीके से निकालना चाहते हैं तो पानी से शुरुआत करना अच्छा तरीका माना जाता है।
पहले पानी डालना क्यों बेहतर है?
दूध वाली चाय बनाते समय सबसे पहले बर्तन में आवश्यक मात्रा में पानी डालें और उसे गर्म होने दें। पानी गर्म होने लगे तो उसमें चायपत्ती डालें। इससे चायपत्ती को पानी में अच्छी तरह खुलने और अपना रंग, स्वाद तथा सुगंध छोड़ने का मौका मिलता है।अगर आपको अदरक, इलायची, लौंग, दालचीनी या दूसरे मसाले पसंद हैं तो उन्हें भी पानी के साथ उबाला जा सकता है। खासकर अदरक और इलायची को हल्का कूटकर डालने से उनका स्वाद पानी में अच्छी तरह मिल जाता है।चायपत्ती को पानी में जरूरत के अनुसार उबालने के बाद दूध डालना बेहतर रहता है। दूध डालने के बाद चाय को बहुत लंबे समय तक तेज आंच पर उबालने की जरूरत नहीं होती। स्वाद के अनुसार चीनी डालें और चाय को कुछ देर पकाकर छान लें।
सबसे पहले दूध डालने पर क्या होता है?
अगर शुरुआत से ही अधिक मात्रा में दूध डालकर उसमें चायपत्ती उबालते हैं तो स्वाद अलग हो सकता है। दूध में मौजूद वसा और प्रोटीन के कारण चायपत्ती से निकलने वाले स्वाद और सुगंध का अनुभव पानी में पहले चायपत्ती उबालने की तुलना में अलग हो सकता है।इसका मतलब यह नहीं है कि दूध पहले डालकर बनाई गई चाय पीना गलत है। चाय का स्वाद काफी हद तक व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। लेकिन तेज खुशबू और चायपत्ती का स्पष्ट स्वाद पसंद करने वालों के लिए पहले पानी में चायपत्ती और मसाले उबालना उपयोगी तरीका है।
ये गलती बिगाड़ सकती है चाय का स्वाद
चाय बनाते समय एक आम गलती उसे जरूरत से ज्यादा देर तक उबालना है। कई लोगों को लगता है कि चाय को जितना ज्यादा उबालेंगे उसका स्वाद उतना ही अच्छा होगा। वास्तव में बहुत ज्यादा उबालने पर चायपत्ती से कसैलापन बढ़ सकता है और चाय का स्वाद कड़वा लगने लगता है।खासकर दूध डालने के बाद चाय को लंबे समय तक तेज आंच पर छोड़ना स्वाद और बनावट दोनों को प्रभावित कर सकता है। कई बार चाय का रंग तो गहरा हो जाता है लेकिन उसका प्राकृतिक स्वाद दब जाता है।इसलिए चाय को बार-बार लंबे समय तक उबालने के बजाय सामग्री का सही अनुपात और पकाने का समय ज्यादा महत्वपूर्ण है।
अदरक वाली चाय में रखें ध्यान
अदरक वाली चाय पसंद करने वाले लोगों के लिए एक छोटी सी सावधानी उपयोगी हो सकती है। ताजा अदरक को हल्का कूटकर पहले पानी में उबालें और इसके बाद चायपत्ती डालें। कुछ देर बाद दूध मिलाएं। इससे अदरक का स्वाद पानी में अच्छी तरह आ जाता है।दूध और अदरक को इस्तेमाल करने का तरीका भी महत्वपूर्ण है। बहुत ज्यादा अदरक डालने से चाय तीखी हो सकती है, जबकि बहुत कम मात्रा में इसका स्वाद महसूस नहीं होगा। इसलिए मात्रा अपनी पसंद के अनुसार रखें।
इलायची और मसाला चाय कैसे बनाएं?
मसाला चाय में इलायची, अदरक, लौंग, काली मिर्च और दालचीनी जैसी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। इन मसालों को सीधे दूध में डालने के बजाय पहले पानी में हल्का उबालना उनके फ्लेवर को बेहतर तरीके से निकालने में मदद कर सकता है।एक कप चाय के लिए पहले पानी गर्म करें। उसमें अपनी पसंद के मसाले डालकर कुछ देर उबालें। इसके बाद चायपत्ती डालें और फिर दूध तथा चीनी मिलाएं। दूध डालने के बाद आंच को नियंत्रित रखें और चाय तैयार होने पर तुरंत छान लें।
पानी और दूध का अनुपात भी महत्वपूर्ण
स्वादिष्ट चाय केवल इस बात पर निर्भर नहीं करती कि पहले पानी डाला या दूध। पानी और दूध का अनुपात भी महत्वपूर्ण है। किसी को ज्यादा दूध वाली गाढ़ी चाय पसंद होती है तो किसी को हल्की चाय। इसलिए इसका कोई एक निश्चित अनुपात हर व्यक्ति के लिए सही नहीं हो सकता।अगर आपको चायपत्ती और मसालों का स्वाद ज्यादा पसंद है तो पानी की मात्रा थोड़ी अधिक रख सकते हैं। वहीं मलाईदार और गाढ़ी चाय के लिए दूध की मात्रा बढ़ाई जा सकती है।
चायपत्ती की मात्रा का रखें ध्यान
एक और आम गलती जरूरत से ज्यादा चायपत्ती डालना है। अधिक चायपत्ती डालने से चाय मजबूत जरूर दिखाई दे सकती है लेकिन उसका स्वाद कड़वा और कसैला हो सकता है। अच्छी चाय के लिए चायपत्ती की मात्रा कपों की संख्या और व्यक्तिगत पसंद के हिसाब से रखें।इसी तरह बहुत ज्यादा चीनी चाय के वास्तविक स्वाद और मसालों की खुशबू को दबा सकती है। इसलिए संतुलन सबसे महत्वपूर्ण है।
तो आखिर पहले क्या डालें?
दूध वाली भारतीय चाय में बेहतर स्वाद और खुशबू के लिए पहले पानी गर्म करना और उसमें चायपत्ती तथा पसंदीदा मसाले डालना एक अच्छा तरीका है। इसके बाद दूध और स्वादानुसार चीनी मिलाई जा सकती है।हालांकि चाय बनाने का कोई एक सार्वभौमिक नियम नहीं है। किसी को दूध से शुरुआत वाली चाय पसंद हो सकती है तो किसी को पानी में पहले चायपत्ती उबालकर बनाई गई चाय। लेकिन अगर आपकी चाय अक्सर जरूरत से ज्यादा कड़वी या फीकी बन जाती है तो तरीका बदलकर देखें। सबसे जरूरी बात है चाय को जरूरत से ज्यादा न उबालना। यही छोटी सी गलती आपके पसंदीदा कप का स्वाद बिगाड़ सकती है।