एलर्जी ट्रिगर करने वाली 6 चीजों से रहें सावधान

Update: 2026-07-26 12:28 GMT

लाइफ स्टाइल: अक्सर लोगों को लगता है कि एलर्जी का मुख्य कारण सिर्फ धूल-मिट्टी, बदलता मौसम या कुछ खास खाद्य पदार्थ होते हैं। इसी वजह से लोग इन चीजों से बचने की कोशिश भी करते हैं, लेकिन कई बार इसके बावजूद छींक आना, नाक बंद होना, गले में खराश, आंखों में जलन या त्वचा पर खुजली जैसी समस्याएं बनी रहती हैं। इसका कारण हमारे आसपास मौजूद कुछ ऐसे एलर्जी ट्रिगर्स हो सकते हैं, जिन पर हमारा ध्यान ही नहीं जाता।

विशेषज्ञों के अनुसार, रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली कई चीजें शरीर में एलर्जी की प्रतिक्रिया को बढ़ा सकती हैं। चंडीगढ़ स्थित पीजीआई की एचओडी डॉ. जयमंती बख्शी के मुताबिक, एलर्जी को नियंत्रित करने के लिए केवल दवाइयां लेना ही काफी नहीं है, बल्कि उन कारणों को पहचानना भी जरूरी है जो बार-बार परेशानी बढ़ा रहे हैं।

सबसे पहला और आम ट्रिगर आपका बेडरूम हो सकता है। जिस बिस्तर पर हम रोज कई घंटे बिताते हैं, वहां गद्दे, तकिए और चादरों में डस्ट माइट्स यानी बेहद छोटे जीव पनप सकते हैं। ये आंखों से दिखाई नहीं देते, लेकिन सांस के जरिए शरीर में पहुंचकर एलर्जी को बढ़ा सकते हैं। कई लोगों में सुबह उठते ही छींक आना या नाक बहना इसी वजह से होता है। इससे बचने के लिए चादरों को नियमित रूप से गर्म पानी में धोना चाहिए और गद्दे व तकिए के लिए एलर्जेन-प्रूफ कवर का इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है।

दूसरा बड़ा कारण एसी और कूलर के गंदे फिल्टर हैं। गर्मी के मौसम में लोग लंबे समय तक एसी या कूलर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कई बार इनके फिल्टर की सफाई पर ध्यान नहीं देते। गंदे फिल्टर में धूल, फफूंद और एलर्जी पैदा करने वाले कण जमा हो जाते हैं, जो हवा के साथ पूरे कमरे में फैल सकते हैं। एसी चालू करने के बाद छींक आना या नाक में परेशानी महसूस होना इसी कारण हो सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि एसी और कूलर के फिल्टर को समय-समय पर साफ करना चाहिए।

घर को खुशबूदार बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रूम फ्रेशनर, परफ्यूम, खुशबू वाली मोमबत्तियां और फैब्रिक सॉफ्टनर भी एलर्जी का कारण बन सकते हैं। इनमें मौजूद केमिकल सांस की नली में जलन पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा नया पेंट, नया फर्नीचर और सिंथेटिक फर्श से निकलने वाले रासायनिक कण भी कई लोगों में एलर्जी की समस्या बढ़ा सकते हैं। ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल करते समय घर में हवा का उचित वेंटिलेशन होना जरूरी है।

खाने-पीने की कुछ चीजें भी एलर्जी को ट्रिगर कर सकती हैं। बाजार में मिलने वाले पैकेटबंद खाद्य पदार्थों में रंग, प्रिजर्वेटिव और स्वाद बढ़ाने वाले तत्व होते हैं, जो कुछ लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं। कुछ लोगों को कच्चे फल या सब्जियों से भी एलर्जी हो सकती है। ऐसे में यह पता लगाने के लिए कि कौन सा भोजन समस्या बढ़ा रहा है, फूड डायरी बनाना मददगार साबित हो सकता है।

प्रदूषित हवा भी एलर्जी का एक बड़ा कारण बन चुकी है। हवा में मौजूद पीएम 2.5 जैसे छोटे प्रदूषक कण फेफड़ों और सांस की नली को प्रभावित करते हैं। बढ़ते प्रदूषण और बदलते मौसम के कारण एलर्जी का समय भी लंबा हो रहा है। खराब एयर क्वालिटी वाले दिनों में बाहर निकलने से बचना और घर के अंदर हवा को साफ रखना जरूरी है।

इसके अलावा मानसिक तनाव भी एलर्जी को बढ़ाने में भूमिका निभा सकता है। तनाव के दौरान शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो इम्यून सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं। कई लोगों में तनाव की स्थिति में एलर्जी के लक्षण अचानक बढ़ जाते हैं। इसलिए अच्छी नींद, नियमित व्यायाम और तनाव कम करने की कोशिश भी एलर्जी नियंत्रण में मदद कर सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि एलर्जी के कारण हमेशा सामने दिखाई नहीं देते। अगर लगातार सावधानी बरतने के बाद भी समस्या बनी हुई है तो अपने आसपास के माहौल, खान-पान और जीवनशैली पर ध्यान देना चाहिए। साफ-सफाई, बेहतर हवा, संतुलित भोजन और स्वस्थ दिनचर्या अपनाकर एलर्जी की परेशानी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

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