Suji Mathri Recipe: दिवाली और त्योहारों के मौसम में घरों में तरह-तरह की मिठाइयां और नमकीन पकवान बनाए जाते हैं। मेहमानों के स्वागत के लिए समोसे, नमकपारे, चकली और मठरी जैसे स्नैक्स खूब पसंद किए जाते हैं। खासकर चाय के साथ खस्ता और कुरकुरी मठरी खाने का अपना अलग ही मजा है। हालांकि, पारंपरिक मठरी में अक्सर मैदा का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे परहेज करने वाले लोग इसे खाने से बचते हैं। ऐसे में सूजी से बनी खस्ता और परतदार मठरी एक अच्छा विकल्प हो सकती है। कुकिंग से जुड़े सोशल मीडिया चैनलों पर बिना मैदा की मठरी बनाने के कई आसान तरीके साझा किए जाते हैं। 'आशी की रसोई' से प्रेरित इस घरेलू विकल्प में सूजी और गेहूं के आटे की मदद से स्वादिष्ट नमकीन मठरी तैयार की जा सकती है। इसकी खासियत यह है कि इसे बनाने के लिए महंगी या मुश्किल से मिलने वाली सामग्री की जरूरत नहीं होती।
दिवाली पर क्यों खास है सूजी की मठरी?
भारतीय घरों में त्योहारों के दौरान मठरी बनाने की परंपरा काफी पुरानी है। यह एक ऐसा नमकीन स्नैक है, जिसे पहले से तैयार करके रखा जा सकता है।मठरी का कुरकुरापन और मसालों का स्वाद इसे चाय के साथ परोसने के लिए अच्छा विकल्प बनाता है।सूजी की मठरी में गेहूं का आटा, अजवाइन, जीरा, कसूरी मेथी और घी या तेल मिलाकर स्वादिष्ट मिश्रण तैयार किया जाता है।सूजी की वजह से मठरी को अलग बनावट मिलती है, जबकि सही मात्रा में मोयन डालने से उसमें खस्तापन आता है।हालांकि, बिना मैदा वाली मठरी भी यदि तेल में तली गई है, तो उसमें वसा और कैलोरी की मात्रा अधिक हो सकती है। इसलिए इसे संतुलित मात्रा में खाना बेहतर है।
सूजी की खस्ता मठरी बनाने के लिए जरूरी सामग्री
रेसिपी विवरण
सूजी की नमकीन परतदार मठरी
तैयारी: 15–20 मिनट
आराम और पकाना: 30–40 मिनट
लगभग 18–22 छोटी मठरियां
घर पर सूजी की मठरी बनाने के लिए ये सामग्री लें:
- बारीक सूजी – 1 कप
- गेहूं का आटा – आधा कप
- घी या तेल – 3 बड़े चम्मच, मोयन के लिए
- अजवाइन – आधा छोटा चम्मच
- जीरा – आधा छोटा चम्मच
- कसूरी मेथी – 1 छोटा चम्मच
- कुटी काली मिर्च – आधा छोटा चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर – एक चौथाई छोटा चम्मच
- नमक – स्वादानुसार
- पानी – जरूरत के अनुसार
- तलने के लिए तेल
सबसे पहले सूजी और आटे का मिश्रण तैयार करें
मठरी बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन में एक कप बारीक सूजी और आधा कप गेहूं का आटा डालें।अब इसमें अजवाइन, जीरा, कसूरी मेथी, काली मिर्च और नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें।इसके बाद तीन बड़े चम्मच घी या तेल डालें। इसे हाथों से अच्छी तरह मिलाएं, ताकि घी पूरी सूखी सामग्री में समान रूप से फैल जाए।इस प्रक्रिया को मोयन देना कहा जाता है। सही मोयन मठरी को खस्ता बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर सख्त लेकिन आसानी से बंधने वाला आटा तैयार करें। ध्यान रखें कि आटा रोटी के आटे की तरह ज्यादा मुलायम नहीं होना चाहिए।आटा तैयार होने के बाद उसे ढककर करीब 15 से 20 मिनट के लिए रख दें, जिससे सूजी पानी सोख सके।
परतदार मठरी बनाने की खास ट्रिक
मठरी में अच्छी परतें बनाने के लिए आटे को दोबारा हल्का गूंथ लें। इसके बाद बड़ी लोई लेकर मध्यम मोटाई की रोटी बेलें।रोटी पर थोड़ा घी लगाएं और उसके ऊपर गेहूं का सूखा आटा हल्का छिड़कें।अब रोटी को मोड़कर उसकी परतें बनाएं। चाहें तो इसे रोल करके छोटे-छोटे टुकड़ों में काट सकते हैं।इन टुकड़ों को हल्के हाथों से बेलकर गोल या मनपसंद आकार दें।इसके बाद कांटे की सहायता से मठरी में कुछ छोटे छेद कर दें। इससे तलते समय मठरी जरूरत से ज्यादा फूलने की आशंका कम होती है।यही तरीका मठरी को अंदर से परतदार और बाहर से कुरकुरा बनाने में मदद करता है।
धीमी आंच पर तलने से बनेगी ज्यादा खस्ता
सारी मठरियां तैयार होने के बाद कड़ाही में पर्याप्त तेल गरम करें।ध्यान रखें कि तेल बहुत ज्यादा गरम नहीं होना चाहिए। मठरी को मध्यम से धीमी आंच पर तलना बेहतर रहता है।यदि तेल बहुत तेज गरम होगा, तो मठरी बाहर से जल्दी सुनहरी हो सकती है, लेकिन अंदर से पूरी तरह कुरकुरी नहीं बनेगी।इसलिए कड़ाही में एक बार में सीमित संख्या में मठरियां डालें और उन्हें धीरे-धीरे पलटते हुए दोनों तरफ से सुनहरा होने तक तलें।तैयार मठरियों को छलनी से निकालकर अतिरिक्त तेल टपकने दें और पूरी तरह ठंडा होने के लिए रख दें।
बिना तेल में तले भी बना सकते हैं मठरी
अगर आप कम तेल वाला विकल्प चाहते हैं, तो सूजी की मठरी को बेक भी कर सकते हैं।इसके लिए ओवन को लगभग 180 डिग्री सेल्सियस पर पहले से गर्म करें।मठरियों को बेकिंग ट्रे पर थोड़ी दूरी पर रखें और हल्का तेल या घी लगाएं।करीब 20 से 25 मिनट तक बेक करें। बीच में जरूरत के अनुसार पलटें और सुनहरा तथा कुरकुरा होने पर निकाल लें।मठरी की मोटाई और ओवन के अनुसार पकाने का समय अलग हो सकता है।
इसी तरह एयर फ्रायर में भी थोड़ी मात्रा में तेल लगाकर मठरी तैयार की जा सकती है।
मठरी को कई दिनों तक कुरकुरा रखने का तरीकासूजी की मठरी बनाने के बाद उसे पूरी तरह ठंडा करना जरूरी है।यदि गर्म मठरी को तुरंत बंद डिब्बे में रख दिया जाए, तो भाप के कारण उसमें नमी आ सकती है और वह नरम पड़ सकती है।इसलिए मठरी को ठंडा करके साफ, सूखे और एयरटाइट कंटेनर में रखें।सही तरीके से तैयार और सुरक्षित रखी गई मठरी कई दिनों तक कुरकुरी रह सकती है। हालांकि, इसकी गुणवत्ता तेल, नमी और भंडारण की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
मेहमानों को कैसे परोसें सूजी की मठरी?
त्योहारों पर सूजी की मठरी को अदरक वाली चाय, हरी चटनी या इमली की चटनी के साथ परोसा जा सकता है।इसके अलावा मठरी के साथ नमकीन सेव, भुनी मूंगफली और दूसरे घरेलू स्नैक्स भी रख सकते हैं।अगर बच्चों के लिए बना रहे हैं, तो लाल मिर्च और काली मिर्च की मात्रा कम रख सकते हैं।वहीं मसालेदार स्वाद पसंद करने वाले लोग इसमें थोड़ी कलौंजी या अतिरिक्त कसूरी मेथी मिला सकते हैं।
मठरी बनाते समय इन गलतियों से बचें
मठरी तैयार करते समय सबसे जरूरी है कि आटा बहुत ज्यादा मुलायम न हो। साथ ही मोयन की मात्रा इतनी हो कि मिश्रण आसानी से बंध सके।बहुत तेज आंच पर तलने, जरूरत से ज्यादा पतली मठरी बेलने या गर्म मठरी को बंद डिब्बे में रखने से उसका स्वाद और बनावट प्रभावित हो सकती है।
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