लाइफ स्टाइल। सर्दियों का मौसम आते ही बाजार में ताजे आंवले मिलने लगते हैं। आंवला स्वाद में खट्टा होने के साथ पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है। इसमें विटामिन-सी, फाइबर और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर की सामान्य रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने में मदद करते हैं। आंवले का सेवन लोग मुरब्बा, अचार, चटनी और जूस के रूप में करते हैं। इन्हीं स्वादिष्ट व्यंजनों में से एक है आंवले का छुंदा, जिसका खट्टा-मीठा स्वाद खाने का मजा बढ़ा देता है। आमतौर पर छुंदा बनाने के लिए आंवले और चीनी के मिश्रण को कई दिनों तक धूप में रखा जाता है, लेकिन अगर आपके पास समय कम है या धूप नहीं निकल रही है, तो आप इसे गैस पर भी आसानी से तैयार कर सकते हैं।
क्या है आंवले का छुंदा?
छुंदा एक पारंपरिक खट्टा-मीठा व्यंजन है, जिसे विशेष रूप से गुजरात और पश्चिमी भारत में पसंद किया जाता है। पारंपरिक रूप से इसे कद्दूकस किए हुए कच्चे आम और चीनी से बनाया जाता है, लेकिन इसी तरीके से आंवले का छुंदा भी तैयार किया जा सकता है।
आंवले का छुंदा स्वाद में खट्टा, मीठा और हल्का मसालेदार होता है। इसे पराठे, पूरी, रोटी और दाल-चावल के साथ खाया जा सकता है।
इसकी सबसे खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती। घर में मौजूद चीनी, नमक और कुछ मसालों की मदद से स्वादिष्ट छुंदा तैयार किया जा सकता है।
आंवले का छुंदा बनाने के लिए जरूरी सामग्री
मुख्य सामग्री
ताजे आंवले, चीनी और स्वादानुसार नमक।
स्वाद बढ़ाने वाले मसाले
भुना जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, काला नमक और इलायची पाउडर।चार से छह लोगों के लिए लगभग 500 ग्राम आंवले, 350 से 400 ग्राम चीनी, आधा चम्मच भुना जीरा पाउडर, एक चौथाई चम्मच लाल मिर्च पाउडर और स्वादानुसार नमक पर्याप्त रहेगा। चाहें तो चुटकीभर इलायची पाउडर भी मिला सकते हैं।
चीनी की मात्रा आंवले के खट्टेपन और अपनी पसंद के अनुसार थोड़ी कम या ज्यादा की जा सकती है। हालांकि, कम चीनी वाला छुंदा लंबे समय तक सुरक्षित रखने के बजाय जल्दी इस्तेमाल करना बेहतर है।
बिना धूप के गैस पर ऐसे बनाएं आंवले का छुंदा
स्टेप 1: आंवले तैयार करें
सबसे पहले आंवलों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। फिर उन्हें कपड़े से पोंछकर सुखा लें। आंवलों को कद्दूकस करें और बीच के सख्त बीज निकाल दें। चाहें तो आंवलों को हल्का भाप में पकाकर भी कद्दूकस कर सकते हैं।
स्टेप 2: चीनी मिलाएं
अब एक मोटे तले वाली कड़ाही में कद्दूकस किया हुआ आंवला डालें। इसमें चीनी मिलाकर लगभग 10 से 15 मिनट के लिए छोड़ दें। इससे चीनी पिघलने लगेगी और आंवले का प्राकृतिक रस निकल आएगा।
स्टेप 3: धीमी आंच पर पकाएं
कड़ाही को गैस पर रखें और धीमी से मध्यम आंच पर मिश्रण पकाएं। बीच-बीच में चलाते रहें ताकि चीनी नीचे चिपककर जले नहीं। लगभग 15 से 25 मिनट में मिश्रण गाढ़ा और चमकदार होने लगेगा। पकने का समय आंवले की नमी और मात्रा के अनुसार बदल सकता है।
स्टेप 4: मसाले मिलाकर ठंडा करें
जब मिश्रण गाढ़ा हो जाए और आंवला नरम पड़ जाए, तो गैस बंद कर दें। अब भुना जीरा, लाल मिर्च पाउडर, नमक और इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं। पूरी तरह ठंडा होने के बाद छुंदे को साफ, सूखे और खाद्य-सुरक्षित कांच के जार में भर दें।
छुंदा बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
आंवले का छुंदा स्वादिष्ट बनाने के लिए कुछ छोटी-छोटी सावधानियां बेहद जरूरी हैं।सबसे पहले हमेशा ताजे और बिना खराब हुए आंवले चुनें। आंवले में यदि सड़न या फफूंदी दिखाई दे, तो उसका इस्तेमाल न करें।दूसरी बात, छुंदा पकाते समय आंच बहुत तेज नहीं रखनी चाहिए। तेज आंच पर चीनी जल सकती है और मिश्रण का स्वाद कड़वा हो सकता है।इसके अलावा, छुंदे को बहुत ज्यादा गाढ़ा भी न करें। ठंडा होने पर मिश्रण अपने आप थोड़ा और गाढ़ा हो जाता है।जार में भरने से पहले छुंदे को पूरी तरह ठंडा करना जरूरी है। हमेशा साफ और सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें।
कितने दिनों तक सुरक्षित रख सकते हैं?
गैस पर तैयार आंवले का छुंदा पारंपरिक धूप में तैयार किए गए छुंदे से अलग हो सकता है। इसकी सुरक्षित भंडारण अवधि चीनी की मात्रा, पकाने की विधि, साफ-सफाई और तापमान पर निर्भर करती है।घर पर बने छुंदे को फ्रिज में रखना बेहतर है। इसे छोटे बैच में तैयार करें और लगभग एक से दो सप्ताह के भीतर इस्तेमाल करने की कोशिश करें। यह अवधि सुरक्षा की गारंटी नहीं है।यदि छुंदे में फफूंदी, असामान्य गंध, गैस बनने या खराब होने के संकेत दिखाई दें, तो उसे नहीं खाना चाहिए।
आंवला खाने के क्या फायदे हैं?
आंवला विटामिन-सी का अच्छा प्राकृतिक स्रोत माना जाता है। विटामिन-सी शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली के कामकाज और कोलेजन निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।आंवले में मौजूद विटामिन-सी पौधों से मिलने वाले आयरन के अवशोषण में भी मदद कर सकता है। हालांकि, आंवले को अपने आप में आयरन का बहुत समृद्ध स्रोत मानना सही नहीं होगा।इसमें मौजूद फाइबर पाचन स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी हो सकता है। लेकिन ध्यान रहे कि लंबे समय तक पकाने से विटामिन-सी की कुछ मात्रा कम हो सकती है।साथ ही, छुंदे में काफी चीनी मिलाई जाती है। इसलिए डायबिटीज से पीड़ित लोगों और चीनी का सेवन सीमित रखने वालों को इसकी मात्रा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
किन चीजों के साथ खाएं आंवले का छुंदा?
आंवले का छुंदा सुबह के नाश्ते में पराठे के साथ बेहद स्वादिष्ट लगता है। इसे पूरी, थेपला और रोटी के साथ भी परोसा जा सकता है।इसके अलावा दाल-चावल के साथ थोड़ी मात्रा में छुंदा खाने से भोजन में खट्टा-मीठा स्वाद जुड़ जाता है।
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