युवाओं के नवाचार के लिए नई स्टार्टअप पॉलिसी में 500 करोड़ का होगा निवेश
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के प्रसिद्ध शहीद भगत सिंह कॉलेज के साल भर चलने वाले डायमंड जुबली (हीरक जयंती) समारोह का बेहद भव्य और ऐतिहासिक शुभारंभ गुरुवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के कन्वेंशन हॉल में किया गया। इस गौरवशाली समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उच्च शिक्षा, युवा उद्यमिता और छात्र कल्याण को बढ़ावा देने के लिए कई बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी घोषणाएं कीं। इन घोषणाओं में दिल्ली सरकार की ओर से नई स्टार्टअप पॉलिसी के तहत भारी-भरकम बजट के निवेश से लेकर विश्वविद्यालय के छात्रों को बुनियादी सुविधाओं में बड़ी राहत देने वाले कई ऐतिहासिक कदम शामिल हैं। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं के बाद से दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं और शैक्षणिक जगत में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
इस गरिमामयी समारोह को संबोधित करते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. योगेश सिंह ने विश्वविद्यालयों की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में विश्वविद्यालय केवल शिक्षा देने का माध्यम नहीं रह गए हैं, बल्कि वे देश के समग्र आर्थिक विकास के सबसे बड़े केंद्र बन चुके हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आज भारत की सबसे बड़ी जरूरत यह है कि हमारे विद्यार्थी केवल रोजगार की तलाश करने वाले (Job Seekers) न बनें, बल्कि वे इतने आत्मनिर्भर और सक्षम बनें कि समाज में दूसरों को रोजगार देने वाले (Job Creators) बन सकें। कुलगुरु ने विश्वविद्यालय स्तर पर शोध, अनुसंधान और व्यावहारिक शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया ताकि देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके।
समारोह में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कुलगुरु के विचारों का पुरजोर समर्थन किया और युवाओं के इसी विजन को साकार करने के लिए दिल्ली सरकार की नई योजना को सामने रखा। मुख्यमंत्री ने मंच से यह बड़ा ऐलान किया कि युवाओं के बीच नवाचार (Innovation) और उद्यमिता (Entrepreneurship) की भावना को पंख देने के लिए दिल्ली सरकार अपनी नई स्टार्टअप पॉलिसी के तहत 500 करोड़ रुपये का एक बड़ा निवेश करने जा रही है। इस भारी-भरकम राशि का उपयोग उन युवाओं के अनूठे आइडिया और स्टार्टअप को फंडिंग व इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रदान करने के लिए किया जाएगा, जो देश के विकास में अपना योगदान देना चाहते हैं। इस कदम से न केवल युवाओं को अपने पैरों पर खड़े होने का मौका मिलेगा, बल्कि दिल्ली देश में स्टार्टअप का एक नया हब बनकर उभरेगी।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ रहे देश-विदेश के हजारों छात्र-छात्राओं के कल्याण के लिए एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के दौरान छात्रों को भोजन और रहने-खाने जैसी बुनियादी दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसके लिए सरकार 16 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के पावन अवसर पर डीयू परिसर में 'अटल कैंटीन' की शुरुआत करने जा रही है। इस अटल कैंटीन के माध्यम से विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को मात्र पांच रुपये की बेहद टोकन राशि में पौष्टिक और भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। महंगाई के इस दौर में मात्र ₹5 में भरपेट भोजन मिलने की इस योजना को दिल्ली सरकार का छात्रों के लिए अब तक का सबसे बड़ा और कल्याणकारी कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने छात्रों की अन्य समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार मिलकर छात्रों के रहने और आवागमन (Transport) की सुविधाओं को भी लगातार बेहतर बना रहे हैं। कैंपस के भीतर बेहतर ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने और बाहरी राज्यों से आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए किफायती हॉस्टल की व्यवस्था करने पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में कॉलेज प्रबंधन ने मुख्यमंत्री और कुलगुरु का आभार व्यक्त किया। शहीद भगत सिंह कॉलेज के इस हीरक जयंती समारोह के उद्घाटन सत्र ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में दिल्ली विश्वविद्यालय में न केवल पढ़ाई का स्तर ऊंचा होने जा रहा है, बल्कि छात्रों को मिलने वाली सरकारी रियायतें और सुविधाएं भी उनके शैक्षणिक जीवन को बेहद सुगम और बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभाएंगी।