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संसद के मॉनसून सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी में कांग्रेस

Kavita2
16 July 2026 3:42 PM IST
संसद के मॉनसून सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी में कांग्रेस
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नई दिल्ली: संसद के आगामी मॉनसून सत्र को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने गुरुवार को संकेत दिया कि वह सत्र के दौरान केंद्र सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। पार्टी ने कहा कि राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित अनियमितताओं, शिक्षा व्यवस्था में कथित खामियों और अन्य जनहित के मुद्दों को संसद में प्रमुखता से उठाया जाएगा।

कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि वह 20 जुलाई से शुरू होने वाले मॉनसून सत्र में परिसीमन और मंत्रियों व मुख्यमंत्रियों को हटाने से जुड़े प्रस्तावित संविधान संशोधन विधेयकों का विरोध करेगी।

विपक्षी रणनीति पर कांग्रेस का मंथन

मॉनसून सत्र से पहले कांग्रेस ने अपनी रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने आगामी सत्र में उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा की है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता संसद में सरकार को घेरने की तैयारी में जुटे हैं। पार्टी का कहना है कि संसद में जनता से जुड़े मुद्दों पर जवाब मांगना विपक्ष की जिम्मेदारी है।

कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह केवल राजनीतिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक विषयों को भी सदन में उठाएगी।

राम मंदिर दान से जुड़े आरोपों का मुद्दा उठाने की तैयारी

कांग्रेस ने कहा है कि वह अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान से जुड़े कथित मामलों को संसद में उठाएगी। पार्टी ने दान राशि के इस्तेमाल और उससे जुड़ी पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाने की बात कही है।

हालांकि, इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच पहले भी आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि धार्मिक संस्थानों और सार्वजनिक रूप से जुटाए गए धन से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए।

शिक्षा व्यवस्था में कथित खामियों पर सरकार से जवाब मांगेगी

कांग्रेस ने शिक्षा क्षेत्र में कथित समस्याओं को भी प्रमुख मुद्दा बताया है। पार्टी का आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था में कई स्तरों पर कमियां सामने आ रही हैं और सरकार को इन पर जवाब देना चाहिए।

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, छात्रों से जुड़े मुद्दे, परीक्षाओं की व्यवस्था, शिक्षा संस्थानों की स्थिति और नीतियों से जुड़े विषयों पर संसद में चर्चा की जरूरत है।

परिसीमन विधेयक का विरोध करेगी कांग्रेस

कांग्रेस ने कहा है कि वह परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों का विरोध करेगी। पार्टी का तर्क है कि परिसीमन की प्रक्रिया में राज्यों के हितों और प्रतिनिधित्व के संतुलन को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने पहले भी चिंता जताई है कि यदि सीटों के पुनर्निर्धारण में सावधानी नहीं बरती गई तो कुछ राज्यों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है।

मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को हटाने से जुड़े बिल पर आपत्ति

कांग्रेस ने उन संविधान संशोधन प्रस्तावों का भी विरोध करने की बात कही है, जिनमें मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को हटाने से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।

पार्टी का कहना है कि ऐसे बदलावों पर व्यापक चर्चा जरूरी है और संविधान की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए ही कोई निर्णय लिया जाना चाहिए।

विपक्षी एकजुटता पर भी रहेगा जोर

मॉनसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों के बीच तालमेल बनाए रखना भी कांग्रेस की प्राथमिकता होगी। पार्टी अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर साझा मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रही है।

कांग्रेस का मानना है कि संसद में जनता से जुड़े सवालों को मजबूती से उठाने के लिए विपक्षी एकता जरूरी है।

सरकार की ओर से भी जवाबी तैयारी

दूसरी ओर, केंद्र सरकार भी मॉनसून सत्र को लेकर तैयारियों में जुटी है। सरकार की कोशिश होगी कि महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराया जाए और विपक्ष के सवालों का जवाब दिया जाए।

संसद का मॉनसून सत्र इस बार राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें कई संवेदनशील मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस होने की संभावना है।

आने वाले दिनों में सत्र की कार्यवाही के दौरान यह साफ होगा कि किन मुद्दों पर सबसे ज्यादा राजनीतिक टकराव देखने को मिलता है।

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