नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को और मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए अपने सात प्रमुख मोर्चों के प्रभारियों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने युवा, महिला, अनुसूचित जाति, OBC, किसान, ST और अल्पसंख्यक मोर्चों की जिम्मेदारी अलग-अलग वरिष्ठ नेताओं को सौंपी है। इन नियुक्तियों में मध्य प्रदेश के दो नेताओं को जगह मिली है, जबकि उत्तर प्रदेश और राजस्थान से भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।
किस नेता को कौन-सा मोर्चा मिला?
पार्टी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी को युवा मोर्चा का प्रभारी बनाया गया है। वहीं आंध्र प्रदेश की वरिष्ठ नेता डी. पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चे की जिम्मेदारी दी गई है।
राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया को ST मोर्चे का प्रभारी नियुक्त किया गया है। संजय भाटिया को SC मोर्चा और ओडिशा के सांसद बैजयंत पांडा को OBC मोर्चे का प्रभारी बनाया गया है। मध्य प्रदेश के वरिष्ठ नेता लाल सिंह आर्या को किसान मोर्चे की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि खरगोन से लोकसभा सांसद गजेंद्र सिंह पटेल को अल्पसंख्यक मोर्चे का प्रभारी नियुक्त किया गया है।
मोर्चों की टीम तैयार करने की जिम्मेदारी
इन प्रभारियों की भूमिका केवल निगरानी तक सीमित नहीं होगी। पार्टी ने इन्हें संबंधित मोर्चों की कार्यकारिणी तैयार करने, प्रदेश स्तर पर प्रभारियों की नियुक्ति में मदद करने और राज्यों में संगठन की टीम बनाने का काम सौंपा है।
इसके लिए सभी मोर्चा प्रभारियों को अपने-अपने मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्षों के साथ समन्वय करने और आगे की संगठनात्मक प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है। माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों के जरिए भाजपा अपने अलग-अलग सामाजिक और संगठनात्मक वर्गों के बीच संपर्क को और मजबूत करना चाहती है।
हरीश द्विवेदी से लेकर डी. पुरंदेश्वरी तक
हरीश द्विवेदी उत्तर प्रदेश के बस्ती से दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं। उन्होंने 2014 और 2019 में बस्ती से लोकसभा चुनाव जीता था। इसके अलावा वह भाजपा के राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
डी. पुरंदेश्वरी आंध्र प्रदेश की प्रमुख भाजपा नेताओं में शामिल हैं। वह पहले कांग्रेस में भी रह चुकी हैं और केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में काम कर चुकी हैं। वह दो बार लोकसभा सदस्य रही हैं और भाजपा की आंध्र प्रदेश इकाई की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।
सतीश पूनिया और संजय भाटिया को भी अहम जिम्मेदारी
सतीश पूनिया राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। वह आमेर से विधायक रहे और राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष की भूमिका भी निभा चुके हैं। संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहने के कारण उन्हें पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों का अनुभव है।
संजय भाटिया 2019 में हरियाणा के करनाल से लोकसभा सांसद चुने गए थे। वह भाजपा हरियाणा के प्रदेश महासचिव भी रह चुके हैं। 2026 में उन्हें हरियाणा से राज्यसभा भेजा गया।
बैजयंत पांडा और मध्य प्रदेश के नेताओं को जिम्मेदारी
बैजयंत पांडा ओडिशा के केंद्रापाड़ा से लोकसभा सांसद हैं और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। भाजपा में आने से पहले वह BJD के राज्यसभा और लोकसभा सांसद रह चुके हैं। उन्होंने 2019 में भाजपा का दामन थामा था।
लाल सिंह आर्या मध्य प्रदेश के गोहद से कई बार विधायक रहे हैं और शिवराज सिंह चौहान सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। वह भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वहीं गजेंद्र सिंह पटेल खरगोन से लोकसभा सांसद हैं। वह 2019 और 2024 में खरगोन से चुनाव जीत चुके हैं। उनकी पहचान किसान और राजनेता के रूप में भी है।
नई टीम के बाद संगठन में लगातार बदलाव
इन नियुक्तियों से पहले भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया था। 65 सदस्यों वाली इस टीम में 51 नए चेहरों को शामिल किया गया, जबकि 14 नेताओं को दोबारा जिम्मेदारी मिली। टीम में 12 महिला सदस्य हैं।
अब सात मोर्चों के प्रभारियों की नियुक्ति के बाद संगठनात्मक ढांचे को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। आने वाले समय में राज्यों और मोर्चों की नई टीमों में किन नेताओं को जिम्मेदारी मिलती है, इस पर भी पार्टी कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।
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